सरकार की ओर से पंजाब को पावर सरप्लस स्टेट बनने के दावों के बिल्कुल विपरीत पावरकॉम पैडी सीजन शुरू होने से अब तक केवल चार दिनों में ही 32 करोड़ की बिजली खरीद चुका है।
शुक्रवार को भी पावरकॉम ने एक्सचेंज में 515 मेगावाट बिजली काफी महंगे रेट पर खरीदी। वहीं सूबे के थर्मल प्लांटों में अभी कोयले का संकट बना हुआ है। अब प्लांटों में केवल 10-10 दिनों का कोयला ही बचा है।
पंजाब में 10 जून से पैडी सीजन शुरू हो गया है और ऊपर से गरमी भी खूब पड़ रही है। इन दोनों ही कारणों से पंजाब में बिजली की मांग काफी बढ़ी हुई है। लेकिन पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट होने के चलते इनके यूनिट कभी बंद कर दिए जाते हैं, तो कभी चालू किए जाते हैं। जिससे बिजली जनरेशन पूरी क्षमता से नहीं हो रही है। पंजाब में प्राइवेट सेक्टर में लगाए थर्मल प्लांटों में से भी इन दिनों केवल राजपुरा प्लांट का यूनिट ही बिजली जनरेट कर रहा है। वहां भी कोयले संकट के चलते क्षमता से कम बिजली पैदा हो रही है।
पावरकॉम शार्ट टर्म समझौते के तहत 10 जून को पैडी सीजन शुरू होने के बाद से रोजाना 240 लाख यूनिट बिजली खरीद रहा है। पावरकॉम को यह बिजली प्रति यूनिट तीन रुपये 35 पैसे से लेकर तीन रुपये 75 पैसे तक पड़ती है। 10 जून से लेकर शुक्रवार तक शार्ट टर्म के तहत पावरकॉम करीब साढ़े 8 करोड़ की बिजली खरीद चुका है। वहीं एक्सचेंज में भी पावरकॉम करीब 24 करोड़ की बिजली खरीद चुका है। शुक्रवार को पावरकॉम ने एक्सचेंज में काफी महंगी बिजली खरीदी। पावरकॉम ने 515 मेगावाट (125 लाख यूनिट) बिजली प्रति यूनिट पांच रुपये पांच पैसे के हिसाब से खरीदी।
इन आंकड़ों के मुताबिक 10 जून से लेकर 13 जून तक महज चार दिनों में पावरकॉम ने 32 करोड़ 18 लाख की बिजली खरीद ली। पावरकॉम के पीआरओ सुरजीत सिंह भट्टी ने कहा कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली खरीदी जा रही है। एक्सचेंज में जहां से बिजली सस्ती मिलती है, वहीं से ली जा रही है।
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एक्सचेंज में खरीदी बिजली
10 जून - 330 मेगावाट - कीमत 3.40 करोड़
11 जून - 760 मेगावाट - कीमत 8.34 करोड़
12 जून - 500 मेगावाट - कीमत 5.64 करोड़
13 जून - 515 मेगावाट - कीमत 6.30 करोड़
शार्ट टर्म समझौते के तहत 10 से 13 जून तक 8.50 करोड़ की बिजली खरीदी