पचास के करीब गांवों के लिए जीटी रोड नेशनल हाईवे पर एक भी रास्ता न दिए जाने के रोष में सोमवार को अंबेमाजरा गांव संघर्ष कमेटी के आह्वान पर 12 गांवों की पंचायत ने सुबह 10 बजे से 1 बजे तक प्रदर्शन किया।
इस मौके पर गांव अंबेमाजरा, चतरपुरा, कुंभ, कुंभड़ा, वजीराबाद, मुल्लापुर, मुल्लापुर खुर्द, सौंटी जलालपुर, सरदार नगर, तलवाड़ा और शहजादपुर से आई पंचायत के लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया कि उनकी यह मांग पिछले चार सालों से लटक रही है।
सड़क बनाते वक्त न तो प्रशासन ने गांवों का सर्वे किया और न ही एच-1, सोमा कंपनी ने गांवों के लिए कोई रास्ता छोड़ा। ग्रामीण कुलविंदर सिंह अंबेमाजरा, महिंदर सिंह ढींढसा, पलविंदर सिंह तलवाड़ा, साधू सिंह चतरपुरा किसान नेता, पीपीपी अध्यक्ष जगमीत सिंह सहोता, आप अध्यक्ष नरेश वालिया, हरविंदर सिंह कुंभड़ा ने कहा कि उन्होंने 2012 में भी प्रशासनिक अधिकारियों और जिले के एमपी को लिखित दरख्वास्त देकर 9 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों के लिए हाईवे पर सिक्स लेन प्रोजेक्ट के अंतर्गत रास्ता छोड़े जाने की मांग की थी।
इस पर भी न तो सांसद और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब समस्या इतनी बढ़ गई है कि गांव से निकलते वक्त उन्हें 9 किलोमीटर दूर से जाना पड़ता है और अगर वे गलत साइड से आते हैं तो पुलिस चालान काटती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इन्हीं गांवों में मंडी गोबिंदगढ़ का औद्योगिक कारोबार फैला हुआ है करीब 50 रोलिंग एवं फर्नेस इकाईयां इन्हीं गांवों के आसपास बनीं हुई हैं और फोकल प्वाइंट के लिए बनाया गया ट्रक स्टैंड भी अंबेमाजरा में स्थित है।
ग्रामीणों ने सोमा कंपनी और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे 6 जुलाई को हाईवे पर चक्का जाम कर मरण व्रत पर बैठ जाएंगे। ग्रामीणों ने मंडी गोबिंदगढ़ की तहसीलदार कमलजीत कौर को एक मांग पत्र भी सौंपा।