जिले के सरकारी विभागों को एजेंटों की दखलंदाजी से पूरी तौर पर मुक्त करने के लिए डीसी रामवीर सिंह ने आज छुट्टी के दिन जिला प्रबंधकीय कांप्लैक्स में डीटीओ दफ्तर समेत अन्य विभागों की अचानक जांच की। इस मौके पर डीटीओ दफ्तर में स्मार्ट चिप कंपनी के मुलाजिमों की ओर से किए जा रहे दस्तावेजी कामों का निरीक्षण किया गया।
डीसी की ओर से की गई पड़ताल दौरान सामने आया कि कंपनी के इन मुलाजिमों की ओर से दो रजिस्टरों में हाजिरी दर्शाई जा रही थी और मौके पर वह मुलाजिम इस संबंधी कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। डीसी ने मामले का गंभीर नोटिस लेते हुए कहा कि रजिस्टरों की और गहराई के साथ पड़ताल के बाद कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा।
इसके बाद डीसी ने जिला प्रबंधकीय कांप्लैक्स के डी ब्लाक में स्थित फर्द केंद्र का दौरा किया और वहां स्टाफ की ओर से जमीनी रिकार्ड को कंप्यूटराइज्ड करने के किए जा रहे काम का निरीक्षण किया गया।
डीसी ने हिदायत दी कि इस काम को 31 मार्च से पहले मुकम्मल करने को यकीनी बनाया जाए, ताकि जिले का सारा जमीनी रिकार्ड आनलाइन किया जा सके।
साथ ही पार्किंग स्टैंड के ठेकेदार को हिदायत की कि वाहन खड़ा करने वालों को जारी की जाने वाली पर्ची पर स्टैंड फीस की राशि दर्ज की जाए और सोमवार से इस हिदायत को अमल में लाया जाए।