शिव सेना हिंदुस्तान उत्तरी भारत विद्यार्थी सेना के प्रधान के गनमैन शुक्रवार रात शराब पीने के बाद आपस में लड़ पड़े। मामला इतना बढ़ा कि एक ने दूसरे की छाती में दो गोलियां मार दी और फिर बचने के लिए अपनी बाजू में भी गोली मार ली। जिस गनमैन की छाती में गोलियां लगीं, उसकी हालत नाजुक है। वह पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। आरोपी गनमैन राजिंदरा अस्पताल में दाखिल है। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मामले के जांच अधिकारी थाना अर्बन एस्टेट के एएसआई हरदेव सिंह ने बताया कि शिव सेना हिंदुस्तान उत्तरी विद्यार्थी सेना के प्रधान राजेश कौशिक निवासी न्यू बिशन नगर पटियाला को पंजाब सरकार की तरफ से दो गनमैन सिक्योरिटी के लिए मिले हुए हैं। इनमें हवलदार दिनेशपाल नंबर 107 और कांस्टेबल दिलबाग सिंह नंबर 225 फर्स्ट आईआरबी शामिल हैं। शुक्रवार रात को शराब पीने के बाद दोनों गनमैन आपस में लड़ पड़े।
एक गनमैन बोला कि पहले मैं रेस्ट पर जाउंगा, दूसरा बोला पहले वह जाएगा। इसी बीच आरोपी कांस्टेबल दिलबाग सिंह ने कारबाइन के साथ अपने साथी दिनेशपाल सिंह को मार देने की नीयत के साथ दो फायर कर दिए। गोलियां दिनेशपाल सिंह की छाती में दाईं तरफ लगीं। उस समय शिव सेना हिंदुस्तान लीडर किसी काम से बाहर गया था। घर में केवल उनके बुजुर्ग माता-पिता थे।
दिनेशपाल सिंह को गोलियां मारने के बाद आरोपी दिलबाग ने बचने के लिए एक फायर अपनी दाईं बाजू पर किया। इसी बीच शिव सेना हिंदुस्तान लीडर घर आ गया और उसने वारदात के बारे में पुलिस को सूचित किया। फिलहाल दिनेशपाल सिंह की हालत नाजुक बताई जा रही है, जो पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। वहीं आरोपी दिलबाग राजिंदरा में दाखिल है। उसके खिलाफ हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट के तहत पुलिस ने केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।