ब्रिटिश को-एड स्कूल की पहली क्लास की छात्रा सानवी गुप्ता (7) के अपहरण के केस को सुलझाते हुए पटियाला पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अपहरणकर्ताओं से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल वरना कार, जेन कार, दोनों बुलेट मोटरसाइकिल, 32 बोर की पिस्टल और चार कारतूस बरामद कर लिए हैं। पूरी वारदात का मास्टर माइंड छात्रा के पिता की फर्म का ग्राहक है।
डीआईजी रूपनगर रेंज गुरशरण सिंह संधू, एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि चार मई को किडनैपिंग के सात घंटे के बाद ही बच्ची की बरामदगी हो गई थी। उसके बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए विभिन्न टीमें बनाकर उन जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। यहां से लड़की को अगवा करने के बाद आरोपी उसे कार में ले गए थे।
किडनैपर रविवार को पुलिस के दवाब के कारण वरना कार में सवार होकर किसी बाहर के राज्य में जाने वाले थे। दोनों को लक्कड़ मंडी चौक से गिरफ्तार कर लिया गया और वरना कार मौके पर ही कब्जे में ले ली गई। आरोपियों में दीपक कुमार उर्फ दीपा निवासी महिंदरा कालोनी पटियाला और अजय वर्मा निवासी राज कालोनी पटियाला शामिल हैं।
एसएसपी ने बताया कि इस पूरी किडनैपिंग का मास्टर माइंड दीपक कुमार था जो रिमिट कॉलेज गोबिंदगढ़ से बीटेक पास है। वह छात्रा के पिता अमित गुप्ता की फर्म का ग्राहक था। दीपक खुद सूलर में स्टेशनरी और रेत-बजरी का काम करता है। जल्द पैसा कमाने के लिए उसने अपने साथी अजय वर्मा के साथ मिलकर इस किडनैपिंग की साजिश रची। अजय वर्मा सुनार का काम करता है। दीपक इस किडनैपिंग को एक माह से प्लान कर रहा था।
सानवी गुप्ता को किडनैप करने के बाद आरोपियों ने राजिंदरा अस्पताल के बाहर फल की रेहड़ी लगाने वाले से मोबाइल छीनकर फिरौती के लिए फोन किए। दीपक ने वारदात में इस्तेमाल वरना कार अपने एक रिश्तेदार से मांगी थी। इसपर जाली नंबर लगाकर दीपक ने वारदात को अंजाम दिया था। अगवा करने के बाद दोनों किडनेपरों ने लड़की को दीपक के सूलर वाले गोदाम में हाथ-पैर बांधकर और आंखों पर पट्टी बांधकर छोड़ दिया था। खुद दोनों अपने-अपने बुलेट पर सवार होकर शहर की अलग-अलग जगहों से छात्रा के पिता को फिरौती मांगने के लिए फोन करते रहे।