सरबत खालसा की ओर से नियुक्त जत्थेदार भाई ध्यान सिंह मंड, मोहकम सिंह और परमजीत सिंह जीजेआना को सोमवार को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी नेशनल हाईवे नंबर एक पर पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर शंभू के नजदीक की गई। तीनों को एसडीएम राजपुरा की अदालत में पेश कर 20 मई तक जेल भेज दिया गया है। इन जत्थेदारों की गिरफ्तारी के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के तहसील राजपुरा प्रधान जगजीत सिंह खालसा ने अपने साथियों के साथ स्थानीय प्रशासन के दफ्तर के आगे रोष व्यक्त कर नारेबाजी की।
सरबत खालसा की ओर से नवंबर 2015 में अमृतसर के नजदीक इकट्ठा होकर पांच सिख तख्तों के जत्थेदार लगाए गए थे। इस दौरान जत्थेदार ध्यान सिंह मंड को तख्त श्री केसगढ़ साहिब का जत्थेदार बनाया गया था। सोमवार को राजपुरा व शंभू पुलिस को सूचना मिली कि जत्थेदार ध्यान सिंह मंड, जत्थेदार मोहकम सिंह और परमजीत सिंह जीजेआना हरियाणा की तरफ से पंजाब में दाखिल होने के लिए शंभू पहुंच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनों जत्थेदारों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की ओर से इनको एसडीएम राजपुरा विक्रमजीत सिंह की अदालत में पेश किया गया। इस मौके पर एसपी राजपुरा रजिंदर सिंह सोहल भारी पुलिस फोर्स समेत मौजूद रहे। गिरफ्तार पांच लोगों में से ध्यान सिंह मंड, जत्थेदार मोहकम सिंह, परमजीत सिंह जीजेआना के खिलाफ पंजाब में शांति भंग करने व माहौल खराब करने के खतरे के केस दर्ज किया गया। इसके बाद इनको एसडीएम राजपुरा के आगे पेश करते हुए 20 मई तक पटियाला जेल भेज दिया गया।