खेतों की जमीन को लेकर चल रहे झगड़े में हुए कत्ल केस में जिला एवं सेशन जज एचएस मदान की अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी करार दे दिया। उन्हें 27 मई को सजा सुनाई जाएगी। दो आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।
दोषी करार दिए गए दो सगे भाइयों में गांव लंग निवासी हरमेश सिंह मेशी व राम सरूप दोनों पुत्र तारा सिंह हैं। यह दोनों कत्ल किए गए बुजुर्ग के ताया के लड़के थे। बरी किए गए आरोपियों में बीर दविंदर सिंह मोनी और जगविंदर सिंह जग्गी निवासी लंग शामिल हैं।
केस फाइल के मुताबिक गांव लंग के रहने वाले गुरचरन सिंह का अपने ताया के लड़कों हरमेश सिंह, राम सरूप के साथ खेतों की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते 10 जून 2014 को दोषियों हरमेश सिंह, राम सरूप ने केस के बाकी दो आरोपियों बीर दविंदर सिंह मोनी, जगविंदर सिंह के साथ मिलकर खेतों में ही गुरचरन सिंह पर हमला करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गुरचरन सिंह को उसका लड़का जरनैल सिंह गंभीर हालत में राजिंदरा अस्पताल ले गया। जहां इलाज दौरान गुरचरन सिंह की मौत हो गई थी। बाद में पुलिस ने जरनैल सिंह की शिकायत सभी चारों आरोपियों के खिलाफ कत्ल का केस दर्ज किया था। आज अदालत ने केस की सुनवाई के बाद दोनों सगे भाइयों को दोषी करार दे दिया। जिन्हें 27 मई को सजा सुनाई जाएगी।