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कई जवान पकड़े जा चुके हैं हेरोइन व असलहा तस्करी में

Mon, 06 Jul 2015 10:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
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पुलिस ने पाकिस्तानी तस्करों के साथ बीएसएफ जवान हरप्रताप सिंह के संबंध होने का खुलासा कर सरहद की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जवान अबोहर सेक्टर की बीओपी एसएस वाला में तैनात रह कर पाक तस्करों से मिलकर भारतीय तस्करों को 163 किलो हेरोइन व दो पिस्तौल की डिलीवरी देकर तस्करों से 1.14 करोड़ वसूल चुका है।
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इससे पहले भी ममदोट सेक्टर में तैनात बीएसएफ का हवलदार शिंगारा सिंह तस्करों से मिलकर बार्डर से करीब सौ किलो हेरोइन क्रॉस करवा चुका था, जिसे बीएसएफ ने पकड़ा था। इसी तरह बीएसएफ जवान गुरप्रीत सिंह और बिक्रमजीत 19 किलो हेरोइन समेत दो तस्करों के साथ अमृतसर में अक्तूबर 2013 में पकड़े गए थे।

उन्हें नौकरी लगे छह-छह माह हुए थे। हैरानी की बात है कि कुछ बीएसएफ जवान पैसों के लालच में देश की सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में डाल रहे हैं।

उधर, आईजी परमराज सिंह उमरानंगल ने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बीएसएफ के जवान हरप्रताम सिंह समेत पांच तस्करों को पकड़ा है, जबकि बीएसएफ अबोहर के डीआईजी एचएस गरचा कहते हैं कि उन्होंने हरप्रताप सिंह को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है।
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बीएसएफ जवान और तस्करों में संबंध होने के कई मामले पहले भी उजागर होने के बाद भी बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों पर भी पैनी नजर रखना जरूरी हो गया है। जिस तरह से हेरोइन व असलहा पाक से आ रहा है, उससे भारत की अंदरूनी सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है।

पंजाब पुलिस ने हाल ही में अवैध हथियार पकड़े थे और इसी प्रकार के हथियार सीमा पार से आते हैं। फिरोजपुर में ऐसे कई आपराधिक तत्व हैं जिनके पास विदेशी हथियार हैं और उनके पास कोई लाइसेंस तक नहीं है।

जो ईमानदार किसान फेंसिंग पार खेतों में खेती करते हैं और हरप्रताप सिंह जैसे जवानों पर नजर रखते हैं उन किसानों को खेती करने के लिए जाने नहीं देते हैं। ममदोट सेक्टर में तैनात बीएसएफ का हवलदार शिंगारा सिंह को भी एक किसान ने बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर पकड़वाया था।

आज तक ऐसे किसानों को खेती करने के लिए उन्हें अपने ही खेतों में जाने नहीं दिया जाता है। कई किसानों ने अभी भी बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्ट जवानों व इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की शिकायत की हुई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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