पटियाला पुलिस की गिरफ्त में नकली पुलिस गैंग के सदस्य।
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पटियाला पुलिस ने फर्जी डीएसपी बनकर फिरौतियां मांगने वाली एक महिला और तीन व्यक्तियों को काबू किया है। आरोपियों के पकड़े जाने से एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हो पाया है, जो काफी लंबे समय से नकली पुलिस पार्र्टी बनकर लोगों से फिरौतियां वसूल कर रहे थे। एसपी (डी) हरविंदर सिंह विर्क ने पुलिस लाइन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बताया कि समाना के सूरज कुमार ने सिटी समाना को सूचना दी कि आठ मई 2016 को रात करीब साढ़े नौ बजे पांच पुरुष व एक महिला ने आकर यह कहा कि लडा कोठी सीआईए स्टाफ से आए हैं और उनके साथ जो महिला है, वह डीएसपी सानिया बराड़ है। उनमें से एक व्यक्ति के पास पिस्तौल भी थी।
उन्होंने घर की तलाशी ली और धमकाया कि तुम भुक्की बेचते हो, एक लाख रुपये देकर खुद को बचा सकोगे। पैसे देने से मना करने पर वह सूरज कुमार को अपनी टवेरा गाड़ी में उठाकर ले गए। पारिवारिक मेंबरों के मोबाइल भी छीन लिए। एसपी (डी) ने बताया कि सूरज कुमार ने पुलिस को यह भी बताया कि वह रास्ते में उसके पिता के साथ फोन पर बात करके पैसे लाने की बात भी करते रहे और उसको संगरूर ले गए। जहां उसके पिता ने पहुंच कर 22 हजार देकर अपने बेटे को मुक्त कराया। जब उनको पता लगा कि वह फर्जी पुलिस वाले थे, तो उन्होंने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। इस संबंधी सिटी समाना में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया।
पुलिस ने मामले में जांच की, तो कुलारां रोड समाना में नाकाबंदी दौरान पुलिस ने फर्जी डीएसपी बनने वाली अनीता रानी शर्मा निवासी जालंधर हाल निवासी मलकाना पति समाना, कुलदीप सिंह उर्फ फलदीप सिंह निवासी गांव चाबा थाना गुहला जिला कैथल हरियाणा, परगट सिंह निवासी बगरौल थाना दिड़बा जिला संगरूर, मनजीत सिंह निवासी नजदीक मछली फार्म चुनागरा रोड पातड़ां को टवेरा गाड़ी में काबू किया गया। आरोपी मनजीत सिंह के पास से एक देसी 32 बोर पिस्तौल, अनीता रानी के पास फिरौती में ली गई 22 हजार की रकम बरामद की गई है। आरोपी अवतार सिंह उर्फ जगतार सिंह निवासी गांव बगरौल और बिमल कुमार निवासी चुनागरा रोड पातड़ां अभी इस मामले में भगोड़े हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ पहले भी विभिन्न धाराओं के तहत कई केस दर्ज हैं।