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एटीएम और कारें लूटने वाले गिरोह के पांच मेंबर गिरफ्तार

Wed, 20 Jan 2016 03:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
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जिला पुलिस ने एटीएम लूटने और कार छीनने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुख्य सरगना राकेश कुमार उर्फ काकू समेत गिरोह के पांच सदस्यों को बड़ी मात्रा में हथियारों, कुछ दिन पहले लूटी इनोवा कार और एटीएम तोड़ने के औजारों समेत गिरफ्तार कर लिया है।
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एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि सीआईए स्टाफ पटियाला पुलिस पार्टी को राजपुरा कालोनी में चेकिंग के दौरान सोमवार को इस गैंग की वीर हकीकत राय स्कूल के नजदीक पानी की टंकी की चहारदीवारी के अंदर हथियारबंद होकर वारदात की योजना बनाने की सूचना मिली।

इस पर कार्रवाई करते हुए थाना अर्बन इस्टेट में केस दर्ज कराके मौके पर छापामारी की गई। छापामारी कर आरोपी सोनू सिंह, राकेश कुमार उर्फ काकू, सत्यावान उर्फ सत्ता सभी निवासी गांव बनारसी थाना खन्नौरी जिला संगरूर, मनदीप मोर निवासी मोर पती नरवाना जिला जींद हरियाणा हाल निवासी गांव बनारसी, कौसर निवासी गांव बराला थाना केराना जिला शामली यूपी को गिरफ्तार किया गया।
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तलाशी लेने पर सोनू के पास से एक पिस्तौल 32 बोर समेत चार रौद, राकेश के पास से एक पिस्तौल 32 समेत चार कारतूस, सत्यावान के पास से दातर, मनदीप मोर के पास से भी दातर, कौसर के पास से पाइप रॉड बरामद किया गया।

इन सभी के कब्जे से इनोवा गाड़ी बरामद की गई। जो गैंग ने 10 जनवरी को गांव दफ्तरीवाला के पास से लूटी थी। गाड़ी से पुलिस को वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाली मंकी कैप और एटीएम तोड़ने के औजार व रस्से बरामद हुए हैं। 

फरार साथी संपत सिंह नेशनल स्तर का एथलीट है। संपत सिंह, परवीन दोनों निवासी सेक्टर 26 चंडीगढ़, पंकज निवासी झज्जर हाल निवासी मनीमाजरा अभी फरार हैं।
2013 में तैयार किया गया था गैंग

यह गैंग साल 2013 में राकेश कुमार उर्फ काकू निवासी गांव बनारसी थाना खन्नौरी जिला संगरूर ने बनाया था। गिरोह ने सबसे पहले पंजाब एंड सिंध बैंक ब्रांच खन्नौरी के ताले तोड़कर बैंक की लाइसेंसी गन व इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी किया था।

चोरी के दर्ज हुए केस में जेल से रिहा होकर काकू ने अपने चचेरे भाई सोनू सिंह निवासी बनारसी के साथ फिर से अपना गिरोह तैयार कर लिया। साल 2014 की शुरुआत से ही हरियाणा में एटीएम काटने की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।

इन्होंने कलैत (कैथल), सिटी नरवाना, उचाना, भवानीगढ़, समाना, जींद के देहाती व शहरी इलाकों में, स्टेट बैंक आफ पटियाला, पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, स्टेट बैंक आफ इंडिया के कुल आठ एटीएम तोड़कर लाखों की नगदी लूटी थी।

इनके अलावा नरवाना, कलैत, पातड़ां, घग्गा में इसी दौरान चार एटीएम भी तोड़ने की कोशिशें की गई थीं। एसएसपी ने बताया कि इस गैंग को पहले संगरूर पुलिस ने जनवरी 2015 में बेनकाब किया था।

उस समय इनके पास से एक जिप्सी, चार माउजर, तीन पिस्तौल 36 रौंद और 23 लाख रुपये नगद, तोड़ी गई एटीएम मशीन चोरी की गई पल्सर मोटरसाइकिल व घड़ियां बरामद हुई थी। इनकी गिरफ्तारी से डकैती व लूटपाट और स्नेचिंग की कोशिशों के हरियाणा व पंजाब के 13 केस सुलझे थे।

इन केसों में यह दोनों चचेरे भाई मई 2015 तक जेल में रहे और जमानत पर रिहा होते ही अपने गैंग को फिर से संगठित कर लिया। गैंग में उन्होंने अपने भांजे मनदीप मोर और गांव के नौजवानों को भी शामिल कर लिया।
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