नगर निगम में मेयर की कुर्सी के लिए चल रही सत्ताधारी पार्टी काउंसिलरों के दो गुटों की खींचतान में शहर में विकास कार्य दूर हो रहे हैं। मगलवार को जत्थेदार तोता सिंह गुट के अकाली-भाजपा एवं आजाद काउंसिलरों ने मीटिंग कर मेयर से इस्तीफे की मांग की है।
इस मुद्दे पर भाजपा काउंसिलर की तरफ से कल से दिया जाने वाला धरना मुलतवी कर दिया गया। मेयर अक्षित जैन ने विरोधी गुट के काउंसिलरों के आरोपों को बेबुनियाद बताते कहा कि वह जल्दी ही मीटिंग बुला रहे हैं।
नगर निगम के मीटिंग हाल में कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह गुट के अकाली-भाजपा समेत तकरीबन 24 काउंसिलरों ने विधायक जोगिंदर पाल जैन और मेयर अक्षित जैन पर तीखे हमले किये और 6 काउंसिलरों ने अंदरूनी तौर पर इस गुट से सहमति की बात कही है।
इस मौके मेयर की कुर्सी के इच्छुक काउंसिलर प्रेमचंद ने कहा कि मेयर अक्षित जैन के पास पूरा बहुमत न होने के कारण इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेयर अक्षित जैन ने 4 माह से कोई बैठक नहीं की, जिस कारण शहर के विकास संबंधित कोई काम पास नहीं हुआ हैं। उन्होंने कहा कि सभी काउंसिलरों के कहने पर तरलोचन सिंह गिल ने 22 जुलाई का धरना फिलहाल मुलतवी किया है।
इस मौके डिप्टी मेयर जरनैल सिंह दुनेके, गवरधन पोपली, रीटा चोपड़ा, जगदेव कौर, प्रेम चंद, विजय भूषण टीटू, दलबीर कौर, रमनदीप कौर, गुरदेव कौर, जगसीर सिंह, राम स्वरूप, बलदेव सिंह, गीता रानी, सुरिंदर पुरी, जसमेल कौर, वीरभान दानव, गुरमिंदरजीत सिंह बबलू, दीपक संधू, कमलेश रानी, चरनजीत सिंह दुन्नेके, परमिंदर कौर, मनजीत सिंह धंमू, कमलेश रानी गर्ग, किरपाल सिंह, नरिंदर बाली, अमरजीत सिंह लंढेके, वनीत चोपड़ा, मनजीत सिंह धमू आदि हाजिर थे। कई महिला काउंसिलरों की जगह उनके पति मीटिंग में शामिल हुए।