कांग्रेस नेता मनप्रीत सिंह बादल ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के लिए वह पार्टी से टिकट की मांग नहीं करेंगे। मनप्रीत मेन बाजार स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य जमगीत सिंह सहोता के कार्यालय में पीपीपी का कांग्रेस में विलय होने के बाद पहली बार पहुंचे थे। यहां पर उनका कांग्रेसी वर्करों ने जोरदार स्वागत किया।
इस दौरान मनप्रीत ने छह जून को श्री हरमंदिर साहिब परिसर में मनाए जा रहे घल्लूघारा दिवस के मीडिया कवरेज पर शिरोमणि कमेटी द्वारा लगाई पाबंदी का विरोध करते हुए इसे मीडिया की आजादी पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी साहिब द्वारा सीएम को सिरोपा देने से इंकार करना उनके जमीर की आवाज थी। उनका तबादला करना शिरोमणि कमेटी का जुल्म है।
मनप्रीत ने कहा कि वह अपने और अपने साथियों के लिए कोई टिकट नहीं मांगेंगे क्योंकि उनका पहला और आखिरी उद्देश्य पंजाब की खुशहाली है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में कांग्रेस प्रदेश में तीन विशाल रैलियां करेगी। पहली रैली गन्ने की अदायगी न होने को लेकर दीनानगर में की जाएगी। दूसरी रैली जालंधर और तीसरी सीएम के गांव बादल में रखी जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बादल गांव में बादल के नजदीकी लोग जनता को नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे ले रहे हैं। लोगों से पैसे तो ले लिए गए, लेकिन अभी तक नौकरी ही नहीं मिली। इसका खुलासा भी रैलियों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र कमेटी में है और पंजाब भर में घूम कर लोगों की समस्याओं को जानने की कोशिश कर रहे हैं ताकि इन समस्याओं का समाधान करने के लिए इसे कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल करवाया जा सके।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 54 साल है, लेकिन वह अपने सीएम (ताया) को समझ नहीं पाए। मनप्रीत ने कहा कि सीएम सुबह बैठक करके अधिकारियों को पंजाब में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के आदेश देते हैं वहीं शाम को पंजाब की शांति भंग करने वालों के परिवारों को सम्मानित करने की घोषणा करते हैं।
इस मौके उनके साथ पार्षद हरप्रीत सिंह गोराया, बलविंदर सिंह खटड़ा, बलजिंदर पांडे, दाता राम चावला, कर्मचंद गुप्ता, विधानसभा हलका अमलोह से यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गुरिंदर पाल सिंह हैप्पी, गुरदीप सिंह मदन, वरुण अग्रवाल, अशोक बंसल, जसविंदर सिंह शोकर और सतप्रीत सिंह कलेर उपस्थित थे।