पचवारा कोयला खान से पंजाब को रोज पांच रैक कोयला मिलेगा। इसलिए भविष्य में पंजाब की कोयले संबंधी समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही कहा कि इस कोयले को निजी थर्मलों को देने पर भी विचार किया जा रहा है।
पंजाब के रोपड़ व लहरां मुहब्बत थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट जल्द खत्म होने जा रहा है। झारखंड स्थित पावरकॉम को आवंटित पचवारा कोयला खान चालू हो गई है। यहां से कोयला निकालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक कुछ दिन में झारखंड से 12000 टन कोयला पंजाब पहुंचने की उम्मीद है। इससे खास तौर से भीषण गर्मी के मौसम में कोयले के संकट के चलते पावरकॉम को अब बाहर से महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
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खान चालू होने में आईं ये परेशानियां
24 सितंबर 2014 को पचवारा कोयला खान समेत करीब 204 कोल ब्लॉकों की अलाटमेंट रद्द हुई थी। इसके बाद 31 मार्च 2015 को दोबारा से पचवारा कोयला खान पावरकॉम को आवंटित हुई। जनवरी 2019 में यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चला गया। हाईकोर्ट के फैसले को पावरकॉम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी। 21 सितंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने पावरकॉम के पक्ष में फैसला दे दिया था। इसके बावजूद पचवारा कोयला खान वहां की सरकार और स्थानीय लोगों के कुछ मुद्दों के चलते पैदा हुईं अड़चनों के कारण चालू नहीं हो सकी थी। अब पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक खान से करीब 80 हजार टन कोयला निकाल लिया गया है।
पंजाब को रोज मिलेगा पांच रैक कोयला
पावरकॉम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस कोयला खान से पंजाब को रोज पांच रैक कोयला मिलेगा। इसलिए भविष्य में पंजाब की कोयले संबंधी समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही कहा कि इस कोयले को निजी थर्मलों को देने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे निजी थर्मलों से मिलने वाली बिजली सस्ती हो सके। इस संबंधी जरूरी मंजूरी लेकर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।