पटियाला में मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ धरना देते नहरी विभाग के मुलाजिम।
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मांगों को लेकर सरकार के अड़ियल रवैये से गुस्साए नहरी विभाग के मुलाजिमों ने निगरान इंजीनियर भाखड़ा मेन लाइन सर्कल दफ्तर के सामने धरना फिर से शुरू कर दिया। इस मौके पर गर्म व ठंडी वर्दियां देने, पार्ट टाइम वर्कचार्जों को रेगुलर करने, मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरियां देने समेत और कई मांगें उठाई गईं। इनके पूरा न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
धरने को संबोधित करते मुलाजिम लीडरों दर्शन सिंह लुबाना, जोगा सिंह, प्रीतम चंद ठाकुर, बूटा सिंह रंधावा, गुलाब सिंहने बताया कि तीन मार्च 2015 और 31 मार्च 2016 को मुख्य इंजीनियर (नहरों) की ओर से मुलाजिम नेताओं के साथ बैठकें करके 13 सूत्रीय मांग पत्र में शामिल मांगों को 15 दिनों में पूरा करने का भरोसा दिलाया गया था। ये वादे कोरी औपचारिकता साबित हुए। 2012 में चौथा दर्जा मुलाजिमों में से शिक्षण योग्यता रखते कर्मचारियों को नहरी पटवारी की ड्यूटियां सौंपी गई थी लेकिन बिना किसी कारण 17 मार्च, 2016 को वापस ले ली गई थीं। 10 साल से गर्म व ठंडी वर्दियां नहीं दी जा रही हैं।
नहरी कालोनियों, नहरी हेडों व गेटों की पिछले 25 साल से कोई रिपेयर नहीं हो रही है। दसवीं पास को बगैर टाइप टेस्ट के पदोन्नत किया जाए, पार्ट टाइम वर्कचार्जों को रेगुलर करने, मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरियां देने, जीपी फंड एडवांस और मेडिकल बिलों की समय पर अदायगियां करने, नहरों पर काम करते कर्मचारियों को काम करने वाला सामान, ओवरकोट, बरसातियां देने, रिटायर मुलाजिमों को बनते बकाया समय पर देने, प्रमोशन वाले पद तबादले के जरिये न भरने, कर्मचारियों से अफसरों के घरों पर काम न कराने की मांग की गई।