पटियाला। पंजाब में धान सीजन के बावजूद पिछले तीन-चार दिनों से लगातार रह-रह कर पड़ रही बारिश के चलते बिजली की मांग में कमी का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भी प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 10,657 मेगावाट ही दर्ज की गई, जबकि पहले डिमांड 12800 मेगावाट चल रही थी। इस तरह से बिजली की मांग 2143 मेगावाट की बड़ी गिरावट के मद्देनजर पावरकाम ने कोयला बचाने के लिए रोपड़, लहरा मुहब्बत समेत गोइंदवाल थर्मल प्लांटों की चार यूनिटों को फिलहाल बंद कर रखा है। जबकि लहरा की एक यूनिट तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ी है। उधर मंगलवार को भी पंजाब में 62 फीडरों के दिन के समय डाउन रहने से बिजली सप्लाई संबंधी 39 हजार 428 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 24 फीडर दो घंटे तक के समय के लिए, 30 फीडर दो से चार घंटे, छह फीडर चार से छह और दो फीडर छह से ज्यादा घंटों के लिए डाउन रहे।
देश भर में अग्निपथ स्कीम को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के कारण रद की ट्रेनों के चलते झारखंड समेत अन्य जगहों से पंजाब में कोयले की सप्लाई प्रभावित हुई है। इस समय रोपड़ में 18, लहरा मुहब्बत में 15, राजपुरा में 24, गोइंदवाल में मात्र एक दिन का और तलवंडी साबो में पांच दिनों का कोयला शेष है। ऐसे में जब बारिश के मौसम के चलते पंजाब में बिजली की मांग में कमी दर्ज की जा रही है। उधर एक्सचेंज में भी बिजली सस्ते दामों में मिल रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पावरकाम ने रोपड़ की 210 मेगावाट की एक, लहरा की 210 व 250 मेगावाट की दो और गोइंदवाल की 270 मेगावाट की एक यूनिट को बंद कर दिया है। यहां गौरतलब है कि लहरा की इस समय तीन यूनिटें बंद हैं। इनमें से एक यूनिट तकनीकी खराबी के चलते बंद है। इन पांच यूनिटों के बंद होने से 1150 मेगावाट बिजली सप्लाई बंद है। लेकिन पावरकाम को बिजली की मांग को पूरा करने में दिक्कत नहीं हुई। पावरकाम ने करीब साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से 6200 मेगावाट बिजली बाहर से ली। वहीं पावरकाम को अपने रोपड़ व लहरा मुहब्बत थर्मलों से 610 मेगावाट और प्राइवेट थर्मलों से 3050 मेगावाट व अन्य स्रोतों को मिलाकर करीब 4473 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई।