बीडीपीओ दफ्तर सरहिंद में कांग्रेसी सरपंचों के साथ मौजूद विधायक कुलजीत सिंह नागरा।
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शिअद के हलका इंचार्ज दीदार सिंह भट्टी की ओर से गांवों की पंचायतों के विकास के लिए आई सरकारी ग्रांट के चेक बांटने से बिफरे कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने छह कांग्रेसी सरपंचों समेत सरहिंद का बीडीओ दफ्तर घेरा। इससे पहले 31 मार्च को नागरा ने डीसी फतेहगढ़ साहिब के बाहर धरना देकर अकाली दल के हलका इंचार्ज की ओर से गांवों की पंचायतों को चेक बांटने के आरोप लगाकर लोकतंत्र का उल्लंघन करने के आरोप लगाए थे। सोमवार को गांव अतापुर, पंडराली, रयौणा भोला, भमारसी और जल्ला के सरपंचों समेत बीडीओ दफ्तर पर दस्तक दी और बीडीपीओ जतिंदर सिंह से उन चेकों की रिपोर्ट मांगी जो भट्टी ने बांटे थे।
विधायक नागरा ने बीडीओ से हलका इंचार्ज पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर बांटने और सरकारी ग्रांटों से कथित तौर पर हिस्सा मांगने पर कार्रवाई की मांग की। नागरा ने कहा कि गांवों के सरपंचों को विकास के लिए 1126 लाख रुपये के विकास के चेक आने थे। इनमें गुरमेल सिंह, शेर सिंह, सुखविंदर सिंह समेत छह गांवों को विकास के चेक इसलिए नहीं दिए गए क्योंकि वे कांग्रेसी सरपंच हैं। नागरा ने संबंधित विभाग के एडीसी, बीडीओ, पंचायत सचिव और हलका इंचार्ज को कानूनी नोटिस भेजने की बात भी कही। उन्होंने शिअद हलका इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग करते कहा कि अगर सरकारी पैसे को बांटने से गुरेज नहीं किया तो वह संघर्ष शुरु करेंगे। बीडीओ जतिंदर सिंह ने कहा कि हमें जो विकास के चेक आते हैं हम उसे पंचायत समितियों को दे देते हैं। हलका इंचार्ज ने वह चेक कैसे बांटे, इसके बारे में उनको कुछ नहीं पता। वह इसकी जांच जरूर करवाएंगे। कुछ गांवों की पंचायतों के चेक गलत नाम से काटे गए थे जो शोध के लिए दोबारा भेजे गए हैं और जल्द ही वह पंचायतों को बांट दिए जाएंगे।