संगरूर में वित्त मंत्री की कोठी के आगे धरना-प्रदर्शन करती आशा वर्कर।
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आशा वर्कर यूनियन ने मांगों को लेकर वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा की कोठी का घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की। इससे पहले आशा वर्करों ने सिविल अस्पताल में रोष रैली की और शहर में रोष मार्च निकाला। इस रोष प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन की प्रांतीय नेता राजिंदर कौर काकडा, जसविंदर कौर और कमलजीत कौर ने किया।
इस धरने को संबोधित करते जसवीर कौर ने कहा कि उनकी वित मंत्री के संग बैठक हुई थी और वित्तमंत्री ने उनकी मांग पूरा करने का वादा किया पर सेहत मंत्री ने उनकी किसी मांग को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर सेहत विभाग की रीढ की हड्डी हैं पर उनको कोई पक्का भत्ता नहीं दिया जा रहा है। अन्य राज्यों में आशा वर्करों को 25 सौ रुपये से ज्यादा का मानदेय मिलता है।
उन्होंने कहा कि आशा वर्करों को न तो सफर के लिए भत्ता मिलता है न रात को अस्पतालों में ठहरने की कोई उचित व्यवस्था है। उन्होंने मांग की कि आशा वर्करों को पक्का करने की कार्रवाई की जाए और उनकी मांग पूरी की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा न किया तो आगामी दिनों में संघर्ष तेज कर दिया जाएगा।
इस मौके पर कर्मजीत सिंह, अनिल कुमार, रणजीत ईसापुर, मलकीत सिंह बरनाला, प्रताप सिंह मांगट, मालविंदर सिंह, सुखदेव सिंह चांगली, बलदेव सिंह, किरनपाल कौर, राणो खेड़ी, सरोज रानी, चरणजीत कौर, सिंदर कौर रेतगढ़ मौजूद रहीं।