पटियाला में 29 अप्रैल को श्री काली माता मंदिर के बाहर हुई हिंसा की घटना के सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हिंदू संगठनों की ओर से पुलिस प्रशासन को दिए 48 घंटे के अल्टीमेटम का सोमवार को समय समाप्त होने पर बैठक रखी गई। डीसी साक्षी साहनी के दफ्तर में हुई इस बैठक में विभिन्न हिंदू संगठनों के नुमाइंदे शामिल हुए। अखिल भारतीय हिंदू परिषद के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश केहर ने बताया कि हिंदू संगठनों ने बैठक के दौरान इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक की कार्रवाई पर संतोष जताया है।
साथ ही मांग की कि मामले के सभी आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान करके उनके खिलाफ देशद्रोह का पर्चा दर्ज करके गिरफ्तार डाली जाए। पुलिस प्रशासन के मामले में कार्रवाई संबंधी और समय मांगा गया। जवाब में हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन को 10 दिनों का और समय दे दिया। अगर तब तक मंदिर पर तलवारों के साथ हमला करने वालों और हिंसा की घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई, तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
हिंदू नेता ने आगे बताया कि 29 अप्रैल वाले दिन खालिस्तानी समर्थकों ने मंदिर के बाहर की दुकानों पर लूटपाट भी की थी। हमलावरों ने दुकानों पर तोड़-फोड़ करने के बाद गल्लों से पैसे भी लूटे हैं। इस मामले में उन्होंने 45 अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत भी की है। इसी तरह से हिंदू नेता आशुतोष गौतम, जिनकी जांघ पर तलवार लगी है। उन्होंने पुलिस के पास उन पर हुए हमले के मामले में 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ बयान दिया है। इन सभी आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान करके कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस ने काली माता मंदिर से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल की
हिंदू नेता राजेश केहर ने बताया कि पुलिस मंदिर पर हुए हमले और हिंसा की घटना में शामिल आरोपियों की पहचान के लिए श्री काली माता मंदिर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेकर गई है। उम्मीद है कि जल्द आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। शिव सेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय प्रधान पवन गुप्ता ने कहा कि अब तक की पुलिस कार्रवाई से वह संतुष्ट हैं। पुलिस तेजी व सख्ती के साथ काम कर रही है।