भाई हिम्मत सिंह धर्मशाला में आयोजित समारोह में शराब ठेकों के खिलाफ प्रस्ताव डालने वाली प्रदेश के विभिन्न जिलों की पंचायतों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही गांवों में मेला धीयां दा प्रोग्राम शुरू करने वाली लड़कियों को भी सम्मानित किया गया। यह समारोह इंटरनेशलिस्ट डेमोक्रेटिक प्लेटफार्म और साइंटेफिक अवेयरनेस एंड सोशल वेलफेयर फोरम की तरफ से करवाया गया था।
गांवों से शराब ठेके हटाने के लिए प्रस्ताव डालने वाली गांव डूडियां, ढढोगल, कनोई, कलो, बड़ी, अकलियां, हरिगढ़, मीरपुर कलां, बींबड़ खोखर, कादराबाद, कुलबुरछा, माणकी, डेरा छीनियां वाला, नत, ढड़ियाल, निहालगढ़, घनौर कलां, पलासौर, चोटियां, अलाल, सजूमां, उसमान खेड़ा, अनदाना, भांखर, दुलमा कलां की पंचायतों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही ग्राम सभा के इजलास को असल रूप में करवाने वाले धनेठा, जखेपल धालीवाल वास, फतेहगढ़ गंढूआं, नलास खुर्द, अगेती थूही, लुबाना गांवों को सम्मानित किया गया। मेला धीयां दा करवाने वाली नौजवान लड़कियों को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान प्रसिद्ध चिंतक हमीर सिंह ने कहा कि गांवों के लोगों द्वारा चुने नुमाइंदे लोकशक्ति से नाता तोड़े बैठे हैं जिसके कारण ग्राम सभा को सरगर्म करना समय की जरूरत है। डॉ. प्यारा लाल गर्ग ने कहा कि सरकारी स्कूलों की दशा तभी सुधर सकती है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले, मंत्री से लेकर दर्जा चार कर्मचारी के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना लाजमी किया जाए, को लागू किया जाए। फोरम के अध्यक्ष डॉ. एएस मान ने कहा कि गुजरात और बिहार की तर्ज पर पंजाब में भी शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाए। इस मौके पर आईडीपी के अध्यक्ष दर्शन धनेठा और करनैल सिंह जखेपल ने भी अपने विचार रखे।