फतेहगढ़ साहिब। राज्य जीएसटी विभाग ने महक इंटरप्राइजेज के मालिक के खिलाफ जीएसटी चोरी का मामला दर्ज किया है और फर्म का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। विभाग के अनुसार, फर्म ने बिना किसी खरीद के 26.12 करोड़ रुपये के ई-वे बिल जारी किए, जिन पर लगभग 4.70 करोड़ रुपये का कर बनता है। सहायक आयुक्त जीतपाल कौर ने बताया कि जांच में यह भी पाया गया कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के समय फर्म ने जाली किरायानामा अपलोड किया था। यह सभी गतिविधियां रूल 14ए का उल्लंघन करती हैं। विभाग ने बताया कि कुछ साइबर कैफे संचालक आम लोगों को इस नियम का दुरुपयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और गलत तरीके से जीएसटी नंबर दिलाने में मदद कर रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025–26 में फतेहगढ़ साहिब में स्टेट जीएसटी विभाग द्वारा टैक्स चोरी के मामले में अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उच्च अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। रूल 14-ए के तहत छोटे व्यापारियों को ऑटो-अप्रूवल प्रक्रिया के माध्यम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सुविधा है, ताकि वे तुरंत व्यवसाय शुरू कर सकें। यह योजना 1 नवंबर 2025 से लागू है और इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करना और प्रक्रिया को सरल बनाना है। संवाद