फतेहगढ़ साहिब। सरबंसदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजर कौर जी द्वारा दी गई शहादत की याद में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक शहादत जोड़ मेला वीरवार को संपन्न हो गया। मेला विशाल नगर कीर्तन गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से गुरुद्वारा श्री जोति स्वरूप साहिब में पहुंचने पर अरदास के बाद संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिख कौम के नाम दिए संदेश में कहा कि साहिबजादों द्वारा दी गई शहादतों को याद रखकर और उनके द्वारा दिए गए संदेश पर चल कर ही सिख कौम के महान शहीदों के सपनों को साकार किया जा सकता है।
उन्होंने नौजवान पीढ़ी को प्रेरित किया कि वह संपूर्ण सिखी स्वरूप अपना कर अपना जीवन सिखी के सिद्धांतों के अनुसार ढालें। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों और अन्य जत्थेबंदियों द्वारा माता गुजरी और साहिबजादों की तस्वीरों के साथ होर्डिंग्स पर नेताओं की फोटो छपवाने वालों की निंदा की। उन्होंने होर्डिंग्स पर अपनी फोटो न छपवाने वाले नेताओं खास कर शिरोमणि अकाली दल के महासचिव प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा की सराहना भी की।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने ऐलान किया कि छोटे साहिबजादों और माता गुजर कौर जी की अद्वितीय शहादत की यादगार स्थापित करने के लिए शिरोमणि कमेटी द्वारा ठंडे बुर्ज और चमकौर की गढ़ी को पुरातन छवि प्रदान करने के लिए इसका फिर से निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दीवान टोडर मल की हवेली को अगले एक साल के अंदर-अंदर पुरातन छवि में पूरी तरह संभाल लिया जाएगा। जत्थेदार मक्कड़ ने संगत से अपील की कि साहिबजादों की शहादत को श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए हम सभी को इस ऐतिहासिक शहादत के पखवाड़े को वैरागमयी ढंग के साथ मनाना चाहिए और इस समय 1 से 15 पौष तक कोई भी खुशी का समागम नहीं मनाना चाहिए। जत्थेदार मक्कड़ ने संगत को गुरु द्वारा दिखाए मार्ग को अपनाने की अपील की और इस शहीदी जोड़ मेले में देश और विदेशों से पहुंची लाखों की संख्या में संगत, अलग-अलग धार्मिक संप्रदायों के प्रतिनिधि, गतका पार्टियों, सेवा सोसायटियों और लंगरों के सेवा करने वाली संगत व जिला प्रशासन द्वारा किए सुयोग्य प्रबंधों के लिए विशेष तौर पर धन्यवाद किया।
ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से विशाल नगर कीर्तन सुबह 9 बजे तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) के जत्थेदार ज्ञानी तरलोचन सिंह द्वारा अरदास करने और श्री दरबार साहिब अमृतसर के हैड ग्रंथी ज्ञानी मल्ल सिंह द्वारा हुक्मनामा लेने के बाद पांच प्यारों का नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। इस से पहले हजूरी रागियों द्वारा गुरुबाणी का कीर्तन किया गया। फूलों से सजाए पालकी साहिब में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहब को सुनहरी चंवर साहिब की सेवा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह निभा रहे थे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा में तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी तरलोचन सिंह, श्री दरबार साहिब अमृतसर के हैड ग्रंथी ज्ञानी मल्ल सिंह, दमदमी टकसाल के प्रमुख बाबा हरनाम सिंह खालसा, निहंग सिंह जत्थेबंदी बूढ़ा दल के प्रमुख बाबा बलबीर सिंह, तरना दल निहंग दल के प्रमुख बाबा नेहाल सिंह और गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी हरपाल सिंह भी बैठे थे।
नगर कीर्तन में शिरोमणि अकाली दल के महासचिव प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पूर्व मंत्री डॉ. हरबंस लाल, पूर्व विधायक दीदार सिंह भट्टी, सहकारी बैंक के एमडी हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य रविन्द्र सिंह खालसा, कुलदीप कौर टोहड़ा, भाई गुरप्रीत सिंह रंधावा, शविन्दर सिंह सबरवाल, रणधीर सिंह भांबरी, हरविन्दर सिंह हरपालपुर, सचिव एसजीपीसी दिलमेघ सिंह के अलावा लाखो की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगर कीर्तन करीब 1.00 बजे गुरुद्वारा श्री जोति स्वरूप साहिब में कीर्तन सोहले के पाठ के बाद अरदास करने और दरबार साहिब के हैड ग्रंथी ज्ञानी मल्ल सिंह द्वारा गुरु ग्रंथ साहब में से मुख्य वाक लेने के बाद संपन्न हो गया।