पटियाला। पंजाब एंड चंडीगढ़ कालेज टीचर्स यूनियन के आह्वान पर वीरवार को जिले से संबंधित गैर सरकारी सहायता प्राप्त कालेजों के अध्यापकों व कर्मचारियों ने मोमबत्तियां जलाकर मांगों के समर्थन में ठीकरी वाला चौक से शेरां वाला गेट तक रोष मार्च निकाला।
इस मौके पर यूनियन के पंजाबी यूनिवर्सिटी के एरिया सचिव प्रोफेसर बलवीर सिंह ने कहा कि गैर सरकारी कालेजों के अध्यापकों और कर्मचारियों की पेंशन की मांग को मंजूर करते हुए 1999 में बादल सरकार की ओर से विधानसभा में पेंशन स्कीम पास कराके नोटिफिकेशन जारी किया गया था। लेकिन अब तक यह पेंशन स्कीम लागू नहीं की गई। इस संबंधी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से तीन बार पंजाब सरकार को निर्देश दिए गए हैं। पंजाब सरकार ने 2002 में उच्च न्यायालय में यह हलफनामा भी दिया था कि तीन महीनों में यह स्कीम लागू कर दी जाएगी। लेकिन अफसोस इस बात का है कि हजारों अध्यापक रिटायर हो जाने के बावजूद भी अभी तक यह स्कीम लागू नहीं की गई। सेवामुक्त अध्यापक और उनके परिवार बेहद तंगी की स्थिति से निकल रहे हैं।
मांग की गई कि यह पेंशन स्कीम तुरंत लागू करके सेवा मुक्त अध्यापकों, कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को मुश्किलों से बचाया जाए। रोष मार्च में मोदी कालेज पटियाला, खालसा कालेज, पब्लिक कालेज समाना के सेवामुक्त अध्यापकों और कर्मचारियों ने विशेष तौर पर हिस्सा लिया।
कालेज यूनियन के पंजाब के सह प्रधान प्रोेफेसर पीएस गिल ने सरकार से मांग की गई कि अकाली दल की ही सरकार की ओर से मंजूर की गई पेंशन स्कीम बिना देर के लागू की जाए। अध्यापक नेता ने यह भी कहा कि 2006 से 2009 तक के संशोधित ग्रेडों के बकाया, जो सरकार के मुलाजिमों को मिल चुके हैं, वह भी तुरंत रिलीज किए जाएं।
रोष रैली में डा. श्मशेर सिंह, प्रोफेसर वेद प्रकाश शर्मा, डा. राजीव शर्मा, प्रोफेसर सरबजीत सिंह भाटिया, प्रोफेसर सतनाम कौर आदि ने भाग लिया।