रोपड़। निजी प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों के खिलाफ सेहत विभाग की मुख्य संसदीय सचिव नवजोत कौर सिद्धू की मुहिम पर सेहत मंत्री मदन मोहन मित्तल ने सवाल उठाया है। नवजोत कौर ने बीते दिनों रोपड़ के एक निजी अस्पताल में सरकारी अस्पताल के एसएमओ को प्रैक्टिस करते प़कड़ा था।
मित्तल ने सोमवार को रोपड़ में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नवजोत कौर को ऐसे स्टिंग आपरेशन करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें ऐसी कोई पावर नहीं दी गई है कि वे पुलिस को साथ लेकर डाक्टरों पर दबाव डालें। उन्होंने कहा कि सिद्धू की इस कार्रवाई से डाक्टरों में दहशत है। कुछ डाक्टरों का एक दल इस मामले में मिला भी है। मित्तल ने कहा कि ऐसे में डाक्टर अपनी ड्यूटी नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस की सहायता लेकर और नकली मरीज भेजकर डाक्टर को घेरे में लेने की कार्रवाई गलत है।
उन्होंने कहा कि डाक्टरों के खिलाफ पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं बनती इसलिए पुलिस सेहत विभाग में दखल न करे। अगर भ्रष्टाचार का कोई मामला होगा तो वे विजिलेंस को बता देंगे लेकिन ऐसे मामले में पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं बनती। उन्होंने कहा कि अगर नवजोत कौर को कोई समस्या है तो वे उनको बता सकती हैं पर उन्हें ऐसी कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। स्टिंग आपरेशन केवल डिटेक्टिव से करवाया जा सकता है। राजनीतिक लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर डाक्टरों के काम में कोई कोताही सामने आती है तो विभाग कार्रवाई करेगा पर डाक्टरों ने उनके आग्रह पर अस्पतालों में अपनी ड्यूटी बढ़ाई हैै। इससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
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टकराव की वजह
नवजौत कोर सिद्धू ने बीते दिनों रोपड़ के एक निजी अस्पताल में जिले के ही भरतगढ़ कसबे के अस्पताल में तैनात एसएमओ को प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पकड़ा था। नवजोत कौर ने मौके पर ही पुलिस व सेहत विभाग के अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इस मामले में अभी तक डाक्टर के खिलाफ कोई कारवाई नहीं हुई है। सेहत मंत्री के जिले में नवजौत कौर की ओर से किए गए स्टिंग आपरेशन से मित्तल भड़के हैं। इसके पहले मोहाली में भी बीते दिनों नवजोत कौर ने एक डाक्टर को निजी प्रैक्टिस करते पकड़ा था।