पीयू में ठेका मुलाजिमों ने लगाया धरना
पांच साल से ज्यादा से नौकरी कर रहे कर्मचारियों को रेगुलर करने की मांग
नौकरी से निकाले गए सुरक्षा गार्डों के बहाली की भी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाबी यूनिवर्सिटी में ठेके पर सात सालों से काम कर रहे तीन सुरक्षा गार्डों को नौकरी से निकाले जाने और सफाई कर्मियों के वर्किंग दिन कम किए जाने का मामला गर्मा गया है। वीरवार को सफाई कर्मचारियों ने काम छोड़ हड़ताल की। इसके तहत ठेकेदारी सिस्टम में काम कर रहे सेवादारों और सुरक्षा गार्डों की बड़ी भागीदारी रही। परीक्षा शाखा के नजदीक पार्किंग में सफाई कर्मचारियों के दफ्तर के पास कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक धरना भी दिया।
मुलाजिम व दलित नेता डा. जतिंदर सिंह मट्टू ने कहा कि एक तो यूनिवर्सिटी की ओर से पहले ही सफाई सेवकों को बहुत कम तनख्वाहें दी जा रही हैं। उसपर अब इन कर्मचारियों को केवल 22 दिन की तनख्वाह देने के आदेश दिए गए हैं। इससे तनख्वाहें और कम हो जाएंगी और कर्मचारियों के परिवार सड़कों पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह यूनिवर्सिटी 10-10 सालों से काम कर रहे हैं। कर्मचारियों को रेगुलर करने की बजाय उनको मिलती कम तनख्वाहों पर ही डाका मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठेका सिस्टम के तहत पांच साल से ज्यादा की नौकरी कर चुके मुलाजिमों को तुरंत रेगुलर किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक निकाले गए सिक्योरिटी गार्डों को वापस नौकरी पर नहीं लिया जाता है। सफाई कर्मियों की वर्किंग के दिन पहले की तरह नहीं किए जाते हैं और ठेका मुलाजिम रेगुलर नहीं किए जाते हैं, तब तक कर्मचारी काम पर नहीं आएंगे।