पराली जलाने से रोकने के लिए प्रशासन ने जिले के गांवों में 334 नोडल अफसर नियुक्त किए हैं। यह नोडल अफसर 15 नवंबर तक गांवों में ड्यूटी निभाएंगे। साथ ही सहकारिता, माल, ग्रामीण विकास एवं पंचायत, खेतीबाड़ी, बागवानी व भूमि सुरक्षा विभागों के साथ-साथ पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड व गार्डियंस आफ गवर्नेेंस के साथ तालमेल करके पराली जलने से रोकेंगे।
इन अफसरों को यह यकीनी बनाने के लिए कहा गया है कि गांवों में केवल सुपर एसएमएस सिस्टम वाली कंबाइनों को चलने दिया जाए। यह अफसर जमीन ठेके पर देने वालों की सूची तैयार करेंगे और हर जमीन मालिक को फोन पर सावधान करेंगे कि अगर उसने पराली जलाई तो उसका नाम माल रिकार्ड में लाल अक्षरों से इंगित किया जाएगा।
डीसी कुमार अमित ने कहा कि यह नोडल अफसर उन किसानों की भी पहचान करेंगे जिनके पराली को आग लगाने की संभावना है। उनके पास सीधी पहुंच करके समझाया जाएगा। पराली जलाने वाले किसानों का पता लगाकर गांव के माल पटवारी को माल विभाग द्वारा अलग तौर पर जारी हिदायतों के मुताबिक माल रिकार्ड में जरूरी एंट्री कराने के लिए कहा जाएगा। डीसी ने बताया कि किसानों को सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, मल्चर, पलाओ व सुपर सीडर मुहैया कराए जा रहे हैं। इसके तहत निजी किसानों को 585 मशीनें दी जाएंगी। जिले के 206 किसान समूहों, 21 सहकारी सभाओं व चार पंचायतों को मशीनें मुहैया कराई जाएंगी।