सेहत विभाग की छोटी बारादरी स्थित सोडा वाटर फैक्टरी में रेड
गोली वाला और संतरी फ्लेवर के सोडा वाटर के सैंपल भरे
राजपुरा और खेड़ा गज्जू से भी खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
जिला सेहत विभाग की टीम ने वीरवार को छोटी बारादरी स्थित सोडा वाटर फैक्टरी में रेड डाली। इस दौरान विभाग ने गोली वाला और संतरी फ्लेवर के सोडा वाटर के सैंपल भरे। इसके साथ ही टीम ने राजपुरा और खेड़ा गज्जू में खाने-पीने की चीजों के सैंपल भरे। इन सैंपलों को जांच के लिए लैबोरेटरी में भेज दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर जो संबंधित दुकानदार दोषी पाया गया उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन डा. हरीश मल्होत्रा के दिशा-निर्देश पर वीरवार को जिला सेहत अधिकारी डा. कृष्ण सिंह और फूड़ सेफ्टी अफसर की अगुवाई में बनाई टीम ने यह चेकिंग अभियान चलाया। जिला सेहत अधिकारी डा. कृष्ण सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने पहले राजपुरा में डालिमा विहार में ए वन डेयरी और शिवा डेयरी से दूध, दही, देसी घी के सैंपल लिए। इसके बाद टीम की ओर से गांव खेड़ा गज्जू में करियाना की दुकान से दाल और सरसों के तेल के सैंपल भरे गए।
इसके बाद टीम ने पटियाला की छोटी बारादरी में सोडा वाटर की फैक्टरी पर रेड डालकर टीम की ओर से गोली वाला और संतरी फ्लेवर के सोडा वाटर के सैंपल भरे गए। डा. कृष्ण सिंह ने बताया कि इन सोडा वाटर की बोतलों पर न तो बनाने की तारीख और न ही एक्सपायरी होने की तारीख दर्शाई गई थी। सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। भरे गए सैंपलों के नतीजे फेल पाए गए तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई फूड सेफ्टी एक्ट के तहत की जाएगी। उन्होंने बताया कि जितनी भी खाने-पीने वाली चीजें बेचने वाली दुकानों की चेकिंग की गई उनके पास फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट के तहत न तो लाइसेंस था और न ही उन्होंने सेहत विभाग के पास अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था। दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि वह जल्द ही फूड स्टैंडर्ड सेफ्टी एक्ट के तहत अपने लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन कराएं। ऐसा न करने की सूरत में उनके खिलाफ एक्ट के अनुसार बनती कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डा. मल्होत्रा ने साफ किया कि भविष्य में भी मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग जारी रहेगी।