अकाली दल के बागी सदस्यों की पंजाब, हरियाणा में लामबंदी शुरू
सूबे में पंथक हितों वाले एसजीपीसी सदस्यों के साथ करेंगे बैठकें : भौर
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के 29 नवंबर को हो रहे सालाना चुनाव संबंधी शिरोमणि अकाली दल से बागी धड़े के पंथक हितों वाले सदस्यों की ओर से लामबंदी शुरू कर दी गई है। ताकि 29 नवंबर तक प्रधान के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार संबंधी कोई ठोस नीति बनाई जा सके।
एसजीपीसी के पूर्व प्रधान पंथ रतन दिवंगत जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा के घर पर वीरवार को शिरोमणि कमेटी के विरोधी गुट के सदस्यों की एक अहम बैठक हुई। इसमेें विशेष तौर से एसजीपीसी के पूर्व महासचिव सुखदेव सिंह भौर भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज की बैठक सफल रही है। सूबे में इस तरह की चार और बैठकेें की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बैठक में चुनाव संबंधी कई घंटे विचार हुआ। सूबे की सभी बैठकों के बाद प्रधान के चुनाव में अपना उम्मीदवार खड़ा करने बारे सोचा जाएगा। बैठक में बीते समय में शिरोमणि कमेटी के प्रबंध में धार्मिक और प्रबंधक ढांचे में आई भारी गलतियों पर गंभीर विचार हुआ। इनमें खास कर गुरुद्वारा एक्ट से बाहर जाकर की गई नियुक्तियों का विरोध किया गया। विरोधी गुट के सारे सदस्यों की ओर से एक आवाज में अन्य शिरोमणि कमेटी मेंबरों को अपील की गई। इस दौरान पूर्व मंत्री हरमेल सिंह टोहड़ा और उनकी पत्नी कुलदीप टोहड़ा मौजूद रहे।