‘जीवन शैली में बदलाव से बीमारियां’
सेहत विभाग की ओर से विश्व सेहत दिवस पर समागम आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
डीसी कुमार अमित ने कहा कि सेहत एक अहम मुद्दा है। देश के नागरिक सेहतमंद होंगे तो ही स्वस्थ समाज की स्थापना की जा सकती है। जीवन शैली में तबदीलियां, वातावरण दूषित होने और अज्ञानता के कारण बीमारियां बढ़ती जा रही है। वह शनिवार को जिला रेड क्रास सोसाइटी, जिला सेहत विभाग और पटियाला सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से संयुक्त तौर पर विश्व सेहत दिवस मौके आयोजित समागम को संबोधित कर रहे थे।
सीनियर मेडिकल अफसर डा. अंजना गुप्ता ने लोगों को सेहतमंद खाना खाने और रोजाना शारीरिक व्यायाम करने की सलाह दी। साथ ही जोर दिया कि हर तरह की सेहत सेवाएं हर व्यक्ति की पहुंच में होनी चाहिए। लोगों को बिना किसी आर्थिक समस्याओं का सामना किए सेहत सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने सेहत विभाग की ओर से दी जा रही सेहत सेवाओं का भी जिक्र किया।
मुल्तानी मल मोदी कालेज में विश्व सेहत दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सिविल सर्जन दफ्तर से मेडिकल अफसर डा. निधि वर्मा ने कहा कि भारतीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा कुपोषण और बीमारियों से जूझ रहा है, जिसमें सामाजिक पक्षपात और बदलती जीवन शैली की नकारात्मक भूमिका है। साथ ही कहा कि भोजन के मामले में लिंग पक्षपात की मौजूदगी और विभिन्न खुराकों बारे स्थापित मिथों व गलत धारणाएं आबादी के कई वर्गों को बीमारियों की तरफ धकेल रही हैं।
कालेज प्रिंसिपल डा. खुशविंदर कुमार ने कहा कि एक सेहतमंद मुल्क की पहली शर्त वहां के लोगों की सेहत के साथ जुड़े आंकड़े होते हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स को भारतीय जीवन जांच के मूल सूत्र सादा जीवन उच्च विचार के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया।