पंजाब के सभी दिव्यांगों को मिलेगा आधार जैसा यूडी आईडी
कहीं से भी यूनीक डिसैबिलिटी पहचान पत्र के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर कर सकते हैं आवेदन
-मिनी सचिवालय में सात जिलों के स्वास्थ्य, जिला प्रशासन व सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
दिव्यांगों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया जाने वाला प्रमाण पत्र आने वाले दिनों में एक विशेष प्रकार के प्रारूप में दिया जाएगा। राज्य भर के सभी दिव्यांग व्यक्तियों को आधार कार्ड जैसा यूनिक डिसैबिलिटी पहचान पत्र या यूडी आईडी जारी करने के लिए मिनी सचिवालय में राज्य के सात जिलों के स्वास्थ्य, जिला प्रशासन व सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर व राज्य के नोडल अधिकारी हरपाल सिंह ने बताया कि यूडीआईडी के राज्य में लागू होने के बाद से कोई भी दिव्यांग कहीं से भी यूनीक डिसैबिलिटी पहचान पत्र के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकता है। यह सेवा पूरी तरह नि: शुल्क होगी। आवेदन के साथ ही व्यक्ति को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल जांच के लिए समय व तिथि की जानकारी मिल जाएगी। अस्पताल में मेडिकल जांच होने पर दिव्यांगता का प्रतिशत पूर्व निर्धारित प्रक्रिया अनुसार आंका जाएगा। इससे बार-बार सिविल सर्जन कार्यालय या अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इतना ही नहीं ऑनलाइन आवेदन को ट्रैक भी किया जा सकता है जिससे कार्य प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और समय की भी बचत होगी।
सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय की ओर से जारी होने वाला यह पहचान पत्र राज्य के ही जिले में एक समान प्रारूप लिए होगा। इससे एकरूपता भी आएगी। हरपाल सिंह ने बताया कि 2011 की जनगणना अनुसार राज्य में कुल 6.5 लाख दिव्यांग हैं। इनमें से 54 प्रतिशत के पास ही प्रमाण पत्र हैं। ऐसे में मौजूदा प्रमाणपत्रों को भी ऑनलाइन कर हर दिव्यांग के लिए यूडीआईडी उत्पन्न किया जाएगा। यह कार्य सिविल सर्जन विभाग की ओर से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की वेबसाइट पर नए आवेदन के अलावा पुराने अंगहीन प्रमाण पत्रों को भी दर्ज कर यूडी आईडी कार्ड बनाया जाएगा। हालांकि ऑनलाइन आवेदन न कर सकने वाले दिव्यांग सामाजिक सुरक्षा विभाग, सिविल सर्जन, डिप्टी कमिश्नर कार्यालय या किसी सुविधा व सेवा केंद्र में जाकर आवेदन कर सकते हैं। एक बार आवेदन के बाद मोबाइल या ईमेल के माध्यम से हर गतिविधि की सूचना संबंधित व्यक्ति तक स्वत: पहुंच जाएगी। कार्ड बनने के बाद से चाहे जितनी बार डाउनलोड किया जा सकता है और यह सेवा बिलकुल नि: शुल्क होगी।
इस अवसर पर जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी वरिंदर सिंह बैंस, सहायक सिविल सर्जन डा. जतिंदर कांसल व पटियाला के अलावा रोपड़, एसएएस नगर मोहाली, श्री फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, संगरूर व बरनाला के अधिकारी व डाटा आपरेटर मौजूद रहे।