पठानकोट। पति को खुदकुशी के लिए मजबूर करने की दोषी विवाहिता को पठानकोट के जिला सत्र न्यायाधीश बीएस संधू की अदालत ने छह साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा पांच हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का फैसला भी सुनाया है। सजा का आदेश सुनकर महिला कोर्ट परिसर में ही बेहोश हो गई। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने उसे सिविल अस्पताल पठानकोट में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जाती है।
जानकारी के मुताबिक अमृतसर निवासी प्रभजोत सिंह की शादी पठानकोट के ढांगू पीर निवासी प्रिया के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों पति पत्नी में झगड़ा चल रहा था। पति से मनमुटाव के चलते प्रिया अपने मायके आ गई थी। 17 मार्च 2013 को प्रभजोत उसे घर ले जाने के लिए पठानकोट आया था। यहां पर ससुरालियों ने प्रिया को भेजने से मना कर दिया। आरोप है कि ससुराल में कोई जहरीला पदार्थ निगल लेने से प्रभजोत की मौत हो गई।
पुलिस डिवीजन नं.2 ने मृतक की मां सुरजीत कौर के बयानों पर प्रिया पर खुदकुशी को मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। मामले की नौ माह तक चली सुनवाई के बाद जिला सत्र न्यायाधीश बीएस संधू की अदालत ने शुक्रवार को विवाहिता को 6 साल कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। उधर, सजा सुनाए जाने के बाद महिला कोर्ट परिसर में ही बेहोश हो गई। इससे कोर्ट में हड़कंप मच गया। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। प्रिया को तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉ. सोनिया मिश्रा ने बताया कि महिला की हालत स्थिर है इसलिए उसे प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस के साथ भेज दिया गया।