गांव बसरूप में शुक्रवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। जीप सवार पुलिसकर्मी एक मामले में तफ्तीश के लिए गांव के सरपंच को हिरासत में लेकर थाने लौट रहे थे। पुलिस की इस हरकत पर ग्रामीण पड़क उठे और उन्होंने पुलिसकर्मियों की जीप घेर ली।
करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद मामला तब थमा जब ग्रामीणों के उग्र रुख को देखते हुए पुलिस पार्टी बैरंग वापस लौट गई। सरपंच ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस सियासी दबाव में आकर कार्रवाई करना चाहती है। सुजानपुर थाने की पुलिस रविवार को एक मामले में तफ्तीश के लिए बसरूप गांव पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने गांव के सरपंच को हिरासत में लेकर उसे अपनी जीप में बैठा लिया।
यह देख ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने पुलिस की जीप घेर ली। ग्रामीण जीप को डेढ़ घंटे तक घेर कर तब तक नारेबाजी करते रहे, जब तक पुलिसकर्मियों का रुख नरम नहीं पड़ा। ग्रामीण इस बात पर आमादा थे कि सरपंच को छोड़ने के बाद ही वे जीप को गांव से बाहर जाने देंगे। यही वजह था कि सरपंच को उठाने आई सुजानपुर पुलिस को खुद गांव से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। पुलिस टीम में एक एएसआई समेत तीन अन्य पुलिस कर्मचारी मौजूद थे।
उधर, मामले से संबंधित सरपंच सोम राज का कहना है कि पुलिस सियासी दबाव में कार्रवाई करना चाहती है। गांव के सरकारी हाई स्कूल के पास सड़क पर से रोजाना सैंकड़ों ट्रैक्टर यहां से गुजरते हैं। ट्र्रैक्टर पर लगे तेज लाउड स्पीकर तथा टूट रही सड़क की शिकायत उन्होंने डिप्टी कमिश्नर से की थी। उन्होंने मांग की थी कि रोड पर भारी वाहनों के गुजरने पर रोक लगाई जाय। शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर शुक्रवार को बड़े वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। इसके बाद ही गांव में सुजानपुर पुलिस थाने से आयी और उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की।