जिले में पिछले दो दिनों से बिजली संकट गहरा गया है। लगातार दो दिनों से करीब आठ घंटे के कट के कारण लोेग परेशान हैं। बिजली के कटों से व्यवसाय और कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में लोगों का कहना है कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य में सरपल्स बिजली का दावा झूठा साबित हो रहा है।
बिजली सप्लाई बेहतर न होने का खामियाजा किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। आलम यह है कि इस बार बारिश कम होने से धान की फसल को सिंचाई की आवश्यकता है। बिजली के अभाव में फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है। सानों का कहना है कि यदि बरसात नहीं हुई और खेतों की सिंचाई ठप रही तो फसल सूखने के कगार पर पहुंच जाएगी। यहीं हाल रहा तो इसमें कोई दो राय नहीं कि इस बार जिले को बहुत जल्द सूखा घोषित करने की जरूरत होगी।
बिजली के बिना शहर के बाजारों की रौनक भी प्रभावित हो रही है। कई दुकानदारों ने बताया कि दिन में सात से आठ घंटे बिजली के कट लगने से उन्हें अपना कारोबार चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई कई दिनों से बिजली के आभाव के कारण काम बंद पड़ा है।
उन्हें लग रहा है कि अगर हालत ऐसे ही रहे तो अपना व्यवसाय चौपट हो जाएगा, क्योंकि उनका पूरा व्यवसाय बिजली पर ही निर्र्भर है। शनिवार को भी बिजली के कटों के कारण बैंकिंग सेवाओं व औद्योगिक संस्थानों में भी लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।