केंद्रीय जेल में बंद एक कैदी की उपचार के दौरान मौत हो गई। बीमारी के कारण अमृतसर में उसका उपचार चल रहा था। नशीले पदार्थ के साथ पकड़े जाने के मामले में वह पिछले छह साल से जेल में बंद था।
जानकारी के अनुसार एक कैदी वरिन्द्र कुमार पुत्र राम लुभाया निवासी बटाला बीते लगभग छह साल से केन्द्रीय जेल में बंद था। उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोप सिद्ध हुए थे। वरिन्द्र कुमार को तपेदिक की शिकायत होने के कारण पहले उसे गुरदासपुर अस्पताल में दाखिल करवाया गया था।
हालत चिंताजनक होने के कारण उसे अमृतसर अस्पताल भेजा गया था। वहां लगभग 20 दिन इलाज चलने के बाद उसकी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने वरिन्द्र कुमार के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे वारिसों के हवाले कर दिया।