बाबा बर्फानी की यात्रा में शिव भक्तों के साथ हुई घटना ने भक्तों को आहत किया है। शनिवार को अमरनाथ यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं के जत्थे ने वापस लौटकर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था में खामी पर नाराजगी जाहिर की। साथ ही भारत सरकार से मांग किया कि यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएं, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि घटना के बाद वे दहशत में थे। उन्हें अपनी जान खतरे में नजर आ रही थी।
हमलावर दाग रहे थे गोलियां : चौधरी
अश्विनी चौधरी ने कहा कि जब वह यात्रा खत्म करके बालटाल पहुंचे तो उन्हें वहां रोक दिया गया। उन्हें पता लगा कि सीआरपीएफ की ओर से भक्तों की यात्रा पर रोक लगा दी गई है। हमलावर सरेआम गोलियां दाग रहे थे। कई लोग जख्मी भी हुए। वह किसी तरह अपनी जान बचा कर वापस लौटे हैं।
मंजर था खौफनाक : कृष्ण
खौफजदा कृृष्ण कुमार ने बताया कि हमले के बाद का मंजर खौफनाक था। घटना के बारे में सोचकर दिल दहल जाता है। शिव भक्तों के लिए लगाए भंडारे में आग लगाने के बाद वहां अफरातफरी मच गई थी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। तभी वहां रखा सिलेंडर फट गया, जिस कारण कई अन्य टेंटों में भी आग लग गई।
तमाशबीन थी पुलिस : गर्ग
सुमित गर्ग ने बताया कि वहां पुलिस या सरकार नाम की कोई चीज नहीं थी। लंगरों पर हुए हमले के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस केवल तमाशा देखती नजर आई। तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई करने की बजाय पुलिस उल्टा लंगर वालों को गलत ठहराती रही।
परेशान र्हुइं महिला श्रद्धालु : कुमार
वजिंद्र कुमार ने बताया कि हमला करने वाले महिला श्रद्धालुओं को भी परेशान कर रहे थे। उनकी ओर से राष्ट्र विरोधी नारे लगाए जा रहे थे। वे करीब वर्षों से यह यात्रा कर रहे हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है।