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Pathankot: सरकारी अस्पताल में डिलीवरी से हुआ मना, गर्भवती ने बीच बाजार रिक्शे पर बच्चे को दिया जन्म

Tue, 05 Sep 2023 01:56 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)

सार

कुछ माह पहले सितंबर 2022 को रात के समय पठानकोट के सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती करने से मना कर दिया गया था। इसके बाद महिला ने लेबर रूम के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया था।
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अपने नवजात बच्चे के साथ महिला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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पठानकोट का सिविल अस्पताल सुर्खियों में है। अस्पताल में एक गरीब परिवार की महिला की डिलीवरी करने के बजाय उसे रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना था कि जच्चा-बच्चा में से किसी को एक को ही बचाया जा सकता है। पैसे न होने पर जब परिवार साइकिल रिक्शा पर महिला को घर ले जाने लगा तो बीच बाजार में उसने बच्चे को जन्म दे दिया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

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एक सितंबर की शाम को सरना निवासी ज्योति कुमारी डिलीवरी के लिए अपनी सास के साथ सिविल अस्पताल पहुंचीं। वहां के स्टाफ ने यह कह कर रेफर कर दिया कि केस काफी खराब है, इसलिए हम डिलीवरी नहीं करा सकते हैं। ज्योति ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो वहां पर सबसे पहले स्टाफ ने उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कहा। जब वह अल्ट्रासाउंड करवाकर दोबारा स्टाफ के पास आए तो उन्होंने रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि इन्हें अमृतसर ले जाएं।

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कुछ माह पहले महिला ने फर्श पर दिया था बच्चे को जन्म
कुछ माह पहले सितंबर 2022 को रात के समय सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती करने से मना कर दिया गया था। इसके बाद महिला ने लेबर रूम के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। इस मामले में डीसी ने जांच के आदेश भी जारी किए थे। इस घटना के विरोध में कई राजनीतिक पार्टियों ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया, लेकिन एक बार फिर ऐसा मामला सामने आ गया है।
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मामले की करवाएंगे जांच : सीएस अदिति सलारिया
सिविल सर्जन अदिति सलारिया का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाएगी। एसएमओ से मामले की सही रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा जाएगा। अगर अस्पताल में स्टाफ या फिर किसी डॉक्टर की तरफ से महिला का उपचार करने में लापरवाही सामने आती है तो उस पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।

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