पंजाब में लगातार बढ़ रहे चिट्टे के नशें को रोकने के लिए अब गांव की पंचायतें सख्त होने लगी हैं। जिले के गांव कालझरानी की पंचायत ने बुधवार को प्रस्ताव डाल कहा कि गांव में कोई भी चिट्टा बेचने आएगा तो उसकी टांगें तोड़ दी जाएगी। गांव की पंचायत सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि पुलिस उनके निर्णय के बीच न आए। गांव के लोग और पंचायत सदस्य जब उक्त प्रस्ताव पास करने के लिए एकत्र हुए तो गांव में चिट्टा बेचने आए दो तस्करों को पकड़कर पहले उन्हें समझाया गया और चेतावनी दी गई कि अगर दोबारा उनके गांव में चिट्टा बेचने आए तो टांगें तोड़ दी जाएंगी।
गांव गिल्ल कलां निवासी मनजीत सिंह ने बताया कि पिछले दिनों उनके गांव का 20 वर्षीय लड़का भी चिट्टे की भेंट चढ़ गया। हालांकि थाना सदर रामपुरा पुलिस ने उक्त मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। गांव के लोगों ने अब प्रण कर लिया है कि गांव में कोई भी चिट्टा वेचने आए तो उसे अपने स्तर पर ही सजा दी जाए। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों जिस युवक की नशे के कारण मौत हुई है, उस मामले में पुलिस ने बिल्कुल ढीली कार्रवाई की। इसके बाद ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे जाम किया तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पुलिस सही ढंग से चिट्टा तस्करों पर कार्रवाई करे तो चिट्टा ही नहीं रहेगा।
मनजीत सिंह ने बताया कि जिस युवक की नशे से मौत हुई वह फुटबाल का अच्छा खिलाड़ी था, लेकिन चिट्टा तस्करों ने उसे नशे की आदत लगा दी और और अपने माता पिता की इकलौती संतान चिट्टे की भेंट चढ़ा गया।