पेरिस ओलंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहने वाले निशानेबाज अर्जुन बबूता ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार से उनको अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि, वर्ष 2022 में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान व पूर्व खेल मंत्री मीत हेयर ने नौकरी का वादा किया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कुछ भी नहीं हुआ है।
वह इसे लेकर कई बार पत्र भी लिख चुके हैं, जिसका यही जवाब आया है कि इंतजार करो। जब नौकरी निकलेगी तब अपना आवेदन देना। बबूता ने एक एजेंसी को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा कि अभी तक इस मामले में उनके हाथ निराशा ही लगी है, लेकिन वह आशा करते हैं कि इस संबंध में कोई कार्यवाही की जाए। इससे पहले भी सरकार अच्छा प्रदर्शन करने वालों की मदद करती रही है।
बबूता ने कहा कि उनकी उपलब्धियों के अनुसार एक निश्चित रैंक दी जानी चाहिए। पंजाब की पिछली कांग्रेस सरकार से भी यही मांग की थी। सरकारें बदल रही हैं, लेकिन मांग वही है। उम्मीद धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ओलंपिक में भाग लेने वाले अपने-अपने राज्यों के निशानेबाजों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री और पंजाब के खेल मंत्री ने ऐसा कुछ नहीं किया।