श्री हरमंदिर साहिब में शनिवार शाम हुई बेअदबी की घटना की निंदा करते हुए उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मामले की जांच के लिए डीसीपी कानून व्यवस्था के नेतृत्व में एसआईटी गठित करते हुए दो दिनों में रिपोर्ट मांगी है। रंधावा ने रविवार को पुलिस लाइन में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा भी की। इसमें पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल, डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा, एसएसपी देहात राकेश कौशल और एसजीपीसी की ओर से राजिंदर सिंह मेहता, हरजाप सिंह सुल्तानविंड तथा सुखदेव सिंह भूराकोहना भी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी गहराई तक पहुंचा जाएगा। इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब और एसजीपीसी के प्रधान के साथ बात की और इस घटना के हर पहलू पर जानकारी हासिल की। प्राथमिक जांच से पता चला है कि आरोपी सुबह करीब 11.30 बजे से ही सचखंड श्री दरबार साहिब में था और परिक्रमा में लेटा रहा। इससे पता चलता है कि वह किसी मकसद के साथ ही वहां पहुंचा था। उन्होंने बताया कि आरोपी की अभी तक पहचान नहीं हो सकी। उन्होंने आरोपी का जल्द ही पोस्टमार्टम करवाने की बात भी कही।
एसजीपीसी के साथ मिलकर जांच करवाएगी सरकार
रंधावा ने बताया कि श्री हरमंदिर साहिब और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपी किस रास्ते से अंदर आया। इसके साथ और कौन था। उन्होंने कहा कि सरकार एसजीपीसी के साथ मिलकर इस घटना की पूरी जांच करेगी। पुलिस एसजीपीसी के साथ संपर्क कर यह सुनिश्चित करेगी कि सभी गुरुद्वारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और यह सभी काम करते हों। एसजीपीसी की इजाजत के बिना पुलिस भी श्री दरबार साहिब में प्रवेश नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि डीजीपी और राज्य के सभी पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी धार्मिक अस्थानों गुरुद्वारों, मंदिरों, मस्जिदों तथा गिरजाघरों के पास सख्त सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं। इसके अलावा धार्मिक स्थलों तथा पवित्र ग्रंथों की सीसीटीवी फुटेज यकीनी बनाने के साथ धार्मिक स्थलों तथा पवित्र ग्रंथों की सीसीटीवी फुटेज सुनिश्चित करने के लिए एसजीपीसी कमेटी के साथ तालमेल स्थापित कर यह भी सुनिश्चित किया जाए, कि वह अस्थान, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप सुशोभित हैं, वहां कोई न कोई अवश्य मौजूद रहे।
बेअदबी मामले में सजा पर केंद्र को लिखेंगे पत्र
उपमुख्यमंत्री रंधावा ने बताया कि पंजाब विधानसभा की तरफ से साल 2018 में ही धारा 295 में शोध करके 295ए धारा जोड़ने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। लेकिन अभी तक इस संबंधी केंद्र सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि धारा 295ए के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी भी धर्म की बेअदबी करता है, तो उसे 10 साल की सख्त सजा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर वह एक बार फिर केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगे, ताकि इस धारा को पास किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी पंजाबियों को आपस में भाईचारे के साथ मिलकर इस तरह की घटनाओं का मुकाबला करने और किसी भी हालत में पंजाब की शांति को भंग नहीं होने देने की अपील भी की।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने स्वर्ण मंदिर में हुई घटना की निंदा की। आरएसएस ने मामले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।