कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पंजाब में चुनाव प्रचार समिति का मुखिया नियुक्त किया जाना लगभग तय माना जा है।
हाईकमान की इस घोषणा के बाद ही कैप्टन पंजाब में अपनी चुनावी रैलियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देंगे।
प्रदेश कांग्रेस प्रधान पद पर प्रताप सिंह बाजवा की ताजपोशी के बाद से ही कैप्टन की लगातार कोशिश रही है कि वह अपनी जमीन न छोड़ें और उससे जुड़े रहें।
वह इसके लिए लगातार प्रयास भी कर रहे हैं और हाईकमान से नजदीकी का लाभ उठाते हुए उन्होंने अपने पक्ष को प्रभावशाली तरीके से रखा है। पार्टी हाईकमान का भी मानना है कि पंजाब में कैप्टन के अलावा कोई करिश्माई नेता नहीं है, जो वहां अधिक लोकप्रिय हो।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक गत दिनों नई दिल्ली में कैप्टन अमरिंदर सिंह की शकील अहमद के साथ पंजाब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के निवास पर बकायदा बैठक भी हो चुकी है। समझा जाता है कि सोनिया गांधी के अमेरिका से लौटते ही यह महत्वपूर्ण घोषणा कर दी जाएगी।
इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में सितंबर माह से विधानसभा हलकावार रैलियां करने की घोषणा की थी, लेकिन हाईकमान के इशारे पर उन्होंने अपना कार्यक्रम कुछ समय के लिए टाल दिया था।
अब हाईकमान की घोषणा के साथ ही कैप्टन एक बार फिर पंजाब में रैलियों के कार्यक्रम को अंतिम रूप देंगे। कैप्टन लगातार पंजाब कांग्रेस के नेताओं के संपर्क में हैं। साथी विधायकों का मन टटोलने के लिए उन्हें कुछ दिनों पहले चंडीगढ़ में दोपहर के भोजन पर बुलाया था।
हालांकि कैप्टन के बुलावे पर सिर्फ आठ विधायक ही पहुंचे, लेकिन दो दर्जन विधायक अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह 14 सितंबर को पटियाला पहुंच रहे हैं। इसी दिन उनकी मां राजमाता महिंदर कौर का जन्मदिन है।
महल के सूत्रों के मुताबिक वहां कोई खास कार्यक्रम नहीं है, लेकिन माना जा रहा है इस दिन पार्टी के कई विधायक और वरिष्ठ नेता पटियाला में मौजूद रहेंगे।