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नई सुविधा: नोट चाहिए तो नजर मिलाइए

Wed, 28 Aug 2013 02:35 AM IST
चंडीगढ़/अमर उजाला ब्यूरो
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अब आप आधार से मिलने वाली सेवाओं का लाभ तभी उठा सकेंगे, जब आप आई स्कैनर से नजरें मिला लेंगे। आधार कार्ड से मिलने वाली पेंशन और अन्य लाभ के लिए आखों की पहचान अब जरूरी होगी।
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चंडीगढ़ में आधार कार्ड से संबंधित इस सेवा की शुरुआत सबसे पहले की गई है।

किसी आधार कार्ड धारक के फिंगर प्रिंट में असमंजस होने पर आधार कार्ड में दर्ज आंखों की पुतली की पहचान से सेवाएं प्राप्त की जा सकेंगी। हालांकि, अभी यह सेवा ट्रायल में ही है।

आधार कार्ड से मिलने वाली अधिकांश सुुविधाएं बुजुर्गों को दी जाती हैं। कई बार होता है कि बुजुर्ग अपनी पेंशन लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उनके फिंगर प्रिंट मैच नहीं करते।
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ऐसे में कोई अपने हक से वंचित न रह जाए, इसके लिए उनकी आइरिश की पहचान कर व्यक्ति की प्रमाणिकता साबित कर दी जाती है। संबंधित व्यक्ति के आइरिश के प्रिंट आधार कार्ड बनाते समय लिए जा चुके होते हैं।

उस व्यक्ति के आइरिश का मिलान उस डाटा से किया जाता है। इसके बाद ऐसे लोगों को पेंशन और अन्य सुविधाएं प्रदान कर दी जाती हैं।  

मिट गए 105 के फिंगर प्रिंट्स
रक्त का संचार ढंग से नहीं होने के कारण कई बार बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट मिट जाते हैं। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) चंडीगढ़ के क्षेत्रीय कार्यालय ने 29 से 31 जुलाई तक एक अभियान चलाया।

इसमें समाजिक सुरक्षा पेंशन लेने आए 11,000 लोगों का सर्वे किया गया। इनमें से 105 लोगों के फिंगर प्रिंट मैच नहीं हुए।

बाल भवन में लगी है मशीन
अइरिस स्कैनिंग मशीन बाल भवन में लगाई गई है। इस मशीन को यूआईडीएआई से मंगाया गया है। यहां पर अभी तक करीब 400 लोगों के आइरिस को वेरिफाई किया जा चुका है।

यूआईडीएआई के संग मिलकर इस सेवा को हमने सबसे पहले शुरू किया है। बुजुर्गों में फिंगर प्रिंट्स मैच न होने की परेशानी आ रही है। इस स्थिति में आइरिस को वेरिफाई कर संबंधित व्यक्ति को पेंशन और अन्य लाभ दिए जाएंगे।
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राजेश जोगपाल, डायरेक्टर
समाज कल्याण विभाग
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