मोहाली। चंडीगढ़ से सटे नयागांव में एक महिला की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। कोरोना के शक में लोग भी महिला की मदद के लिए आगे नहीं आए। वहीं, मोहाली से एंबुलेंस पहुंचने में लगभग 45 मिनट का समय लग गया। अस्पताल पहुंचने में देरी और समय पर इलाज न मिलने से महिला की घर के बाहर ही मौत हो गई।
वाकया शनिवार रात 10.45 बजे का है। नयागांव के दशमेश नगर के मकान नंबर 886 में राशिद खान का परिवार रहता है। राशिद की पत्नी नीलोफर अपने 15 साल के बच्चे के साथ घर में थी। अचानक रात 10.45 बजे नीलोफर घर के दरवाजे पर आकर मदद की गुहार लगाने लगी। नीलोफर को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वह बेहोश होकर गिर पड़ी। कोरोना के डर से लोग नीलोफर के करीब नहीं आए। आसपास के लोगों ने 108 एंबुलेंस के लिए फोन कर दिया। एंबुलेंस को मोहाली से नयागांव करीब 15 किमी दूर पहुंचना था। ऐसे में उसे पहुंचने में देरी हो गई। उधर, महिला की मौत मिर्गी का दौरा पड़ने से बताई जा रही है।
सीएम और सेहत मंत्री से शिकायत
नर्सिंग के क्षेत्र में कार्यरत नयागांव निवासी वेद प्रकाश शर्मा ने एंबुलेंस के आने से पहले महिला की जांच की थी। नीलोफर की मौत से आहत वेद प्रकाश शर्मा ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, सांसद मनीष तिवारी और सेहतमंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा है कि एक लाख से ज्यादा आबादी वाले नयागांव में एंबुलेंस और इमरजेंसी हेल्थ सर्विसेज का न होना नयागांव के लोगों का दुर्भाग्य है।
कोरोना ने भुलाई इंसानियत
कोरोना के खौफ से लोग अब मदद करने से भी डरने लगे हैं। असल में सांस लेने में तकलीफ होने के चलते नीलोफर मदद के लिए गुहार लगाते घर के बाहर आ गई। तकलीफ बढ़ने पर वह लोगों के सामने ही बेहोश होकर गिर पड़ी। आसपास के लोग देखते रहे, लेकिन कोरोना के डर से पास नहीं गए। हैरानी की बात है कि नयागांव से पीजीआई की दूरी महज दो किमी है, पर किसी ने साहस नहीं दिखाया और देखते ही देखते नीलोफर की मौत हो गई।