अब छतबीड़ गांव के लोगों को अक्सर रात के समय शेर और टाइगर की दहाड़ सुनने को मिलती है। जी हां, यह तनाव मुक्त दहाड़ है छतबीड़ चिड़ियाघर के जानवरों की। लॉकडाउन के कारण छतबीड़ जू के जानवर भी एकदम तनाव मुक्त हो गए हैं। जी हां, विजिटर्स के आने से परेशान रहने वाले इन जानवरों की मस्ती अब खूब देखी जा सकती है।
चाहे लायन सफारी हो या फिर टाइगर का बाड़ा और डियर सफारी। जानवरों की मस्ती का ठिकाना नहीं है। छतबीड़ जू में करीब पंद्रह सौ से ज्यादा जानवर हैं। इसमें सात शेर और छह टाइगर शामिल हैं। इसके साथ ही भालू, लेपर्ड, जगुआर, हिरन, हाथी के साथ लकड़बग्गा, लोमड़ी भी शामिल हैं। लाकडाउन के दौरान भी जानवरों की केयर पहले से ज्यादा की जा रही है।
जू में जानवरों के लिए की है कूलिंग व्यवस्था
जू के एक अधिकारी ने बताया कि गर्मी में जानवर परेशान न हों इसके लिए छतबीड़ जू में खास इंतजाम कर दिए गए हैं। कई जानवरों के लिए कूलिंग की व्यवस्था की गई है। इसमें कइयों में कूलर लगवाए गए हैं और उसके बाद ही बाहर की ओर पानी के फव्वारे भी लगवा दिए गए हैं।
सभी स्टाफ के सदस्य जो कि जानवरों के सीधे संपर्क में आते हैं उनको मास्क, ग्लब्ज, जूते और सैनिटाइजर दिया गया है। यह करीब पच्चीस कर्मचारी हैं जोकि सीधे जानवरों के संपर्क में आते हैं। बताया जाता है कि इन कर्मचारियों के परिवारों को भी चेक करवा लिया गया था। छतबीड़ के एक अधिकारी ने बताया कि जू के बंद होने के बाद जू को पूरी तरह से सैनिटाइज कर दिया गया था।
काफी बदला हुआ है स्वभाव
छतबीड़ जू के एक केयर टेकर ने बताया कि जानवरों का व्यवहार विजिटर्स के होने पर कुछ अलग था लेकिन अब यह व्यवहार काफी कुछ बदल चुका है। शेर, शेरनी के साथ ही टाइगरों के स्वभाव में काफी अंतर आया है।