मोहाली। कूड़े की समस्या के समाधान के लिए डीसी मोहाली कोमल मित्तल के दौरे के बावजूद शहर की व्यवस्था बदहाल है। निर्देश देने के बावजूद जहां लोग परेशान हैं, वहीं नगर निगम के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। पहले शहर में उठान नहीं होने से जहां कूड़े की समस्या थी, वहीं अब आंधी की वजह से हालात ज्यादा खराब हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण वीआईपी सिटी मोहाली बदतर हो जाएगा। नगर निगम करोड़ों रुपये शहर की सफाई व्यवस्था पर खर्च कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर नतीजे कुछ ओर ही हैं।
रविवार को संवाद संवाददाता ने शहर हाल देखा। इस दाैरान सड़कों के किनारे बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई गई रोड गलियां पूरी तरह से कचरे से जाम थी। अगर आने वाले दिनों में रोड गलियों की सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान पानी की निकासी न होने से जलभराव की समस्या फिर हो जाएगी। दूसरी और अगर कूड़े की बात करें तो फेज-2 में तो बस्सी थिएटर के साथ सड़क किनारे कूड़े के ढेर नजर आए। वहीं सेक्टर-71 के आरएमसी पाॅइंट के बाहर तक कूड़ा फैला था। उस पर पशुओं का झुंड खड़ा था। यह वह सेक्टर है जहां पर सीनियर डिप्टी मेयर समेत कई राजनेता, गायक और अधिकारी रहते हैं। यही नहीं विधायक के पुत्र भी इसी क्षेत्र के पार्षद हैं। फेज-1 में मुख्य सड़क के किनारे भी यही हाल देखने को मिला। कूड़े के ढेर लगे थे।
हवा के कारण कूड़ा सड़क पर फैला हुआ था। फेज-5 जहां पर डीसी और कमिश्नर नगर निगम का आवास है, उसके बाहर सफाई थी, लेकिन कुछ कदम दूरी पर कूड़े के ढेर लगे थे। नगर निगम के एक अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सफाई ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह समस्या आ रही है। इस मामले में अधिकारियों को भी सूचित किया गया है।