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Mohali News: मजीठिया के करीबी गुलाटी की विजिलेंस को मिला एक दिन का पुलिस रिमांड

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मोहाली। आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के करीबी हरप्रीत सिंह गुलाटी से जुड़े मामले में मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान विजिलेंस ब्यूरो ने गुलाटी के पुलिस रिमांड को बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर बहस हुई। विजिलेंस की ओर से जिला अटॉर्नी ने अदालत में दलील देकर कहा कि जांच एजेंसी को मामले में नए और अहम सबूत मिले हैं।
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उनके अनुसार गुलाटी की कंपनियों में बड़ी मात्रा में नकद धनराशि जमा की गई, जिसे बाद में मजीठिया की कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। विजिलेंस का कहना है कि इन लेन-देन की गहन पूछताछ के लिए गुलाटी का पुलिस रिमांड जरूरी है, ताकि नकदी के स्रोत और ट्रांसफर की प्रक्रिया का खुलासा हो सके। वहीं, गुलाटी की ओर से उनके वकील चरणजीत बख्शी ने पुलिस रिमांड का कड़ा विरोध किया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी से पहले ही पर्याप्त पूछताछ की जा चुकी है। अब अतिरिक्त रिमांड की कोई आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विजिलेंस को पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड की अनुमति दी है। आरोपी को बुधवार दोबारा मोहाली कोर्ट में पेश किया जाएगा।

विजिलेंस ब्यूरो ने हरप्रीत सिंह गुलाटी को मोहाली के सेक्टर-106 स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया था। विजिलेंस के अनुसार गुलाटी पर आरोप है कि उसने अपनी कंपनियों के माध्यम से मजीठिया की कंपनियों में धनराशि ट्रांसफर की, जो न तो वापस की गई और न ही उसकी वापसी के लिए किसी प्रकार का कानूनी दावा किया गया। एजेंसी का दावा है कि गुलाटी मजीठिया के कथित काले धन को सफेद करने में भूमिका निभाता रहा। जांच में यह भी सामने आया है कि गुलाटी पहले पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता था, लेकिन वर्ष 2008-09 में अकाली सरकार के दौरान उसने कई कंपनियां स्थापित की और शराब कारोबार में भी उसकी अहम भूमिका बताई जा रही है।
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