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विजिलेंस को अदालत से नहीं मिला रिश्वत के आरोपी पूर्व मंत्री अरोड़ा का रिमांड

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मोहाली। विजिलेंस अधिकारी को 50 लाख रुपये की रिश्वत देते रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के मामले में विजिलेंस ब्यूरो को अदालत से झटका लगा है। अदालत ने विजिलेंस की सभी दलीलें खारिज करते हुए आरोपी अरोड़ा को न्यायिक हिरासत में रोपड़ जेल भेज दिया है। जबकि अभी तक रिश्वत वाला पैसा कहां से आया था, इसका स्रोत विजिलेंस के लिए पहेली बना हुआ है। वहीं, मोहाली के जिस बिल्डर पर पूर्व मंत्री को पैसा और कार मुहैया करवाने का संदेह है। वह अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है। विजिलेंस ने उक्त बिल्डर को पूछताछ के लिए अब दोबारा वीरवार को बुलाया है।
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विजिलेंस ब्यूरो की ओर से बुधवार को तीन दिन का रिमांड खत्म होने पर पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को मोहाली अदालत में पेश किया गया था। इस दौरान विजिलेंस ने आरोपी का रिमांड लेने के लिए कई दलीलें रखीं। इनमें आरोपी के पास से पैसे का स्रोत से लेकर अन्य जानकारियां जुटानी हैं। ऐसे में चार दिन का रिमांड दिया जाए। जबकि आरोपी अरोड़ा के वकील ने विजिलेंस की दलीलों का सीधा विरोध किया। उन्होंने अदालत को कहा कि ट्रैप केस में रिमांड की कोई गुंजाइश नहीं होती है। अरोड़ा के घर से जो पैसे मिले हैं उसकी जांच आयकर विभाग की तरफ से की जानी है। ऐसे में रिमांड की जरूरत नहीं है। आरोपी रविवार से ही रिमांड पर चल रहा है। अब तक जो पूछताछ होनी थी। वह पूरी हो गई होगी। ऐसे में उसे अदालत में भेज देना चाहिए। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद आरोपी अरोड़ा को न्यायिक हिरासत में पटियाला जेल में भेज दिया है।
तीन बार रेड में कुछ नहीं मिला, अब क्या मिलेगा
पूर्व मंत्री अरोड़ा के वकील की दलील थी कि विजिलेंस की टीम मंत्री के घर की तीन बार रेड कर चुकी है। 15 अक्तूबर को 5 घंटे, 16 अक्तूबर को 3 घंटे और 17 अक्तूबर को डेढ़ घंटे तक सर्च की है। घर के एक कमरे को लेकर इश्यू आ रहा था। उसे भी विजिलेंस के सामने खोल दिया गया था। हालांकि पहली बार रिमांड लेने के लिए विजिलेंस जो दलील लेकर आई थी। उन्हीं दलीलों को दोबारा आधार बनाया गया था। इसका उन्होंने विरोध किया।
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मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास
अदालत के बाहर जब विजिलेंस की टीम पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को जेल लेकर जा रही थी तो पत्रकारों ने उनसे पूछा कि आप इस मामले में कुछ कहना चाहेंगे तो इस पर पूर्व मंत्री का जवाब था कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। इसके बाद वह विजिलेंस की गाड़ी में सवार होकर वहां से निकल गए।
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