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विजिलेंस ने वनरक्षक को साढ़े चार लाख रुपये रिश्वत लेते दबोचा, ब्लॉक अधिकारी फरार

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मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो ने सब तहसील माजरी के अधीन आते गांव मिर्जापुरा में तैनात वनरक्षक रनजीत खान को ब्लॉक अधिकारी बलदेव सिंह के नाम पर साढ़े लाख रुपये रिश्वत लेते मुल्लांपुर स्थित ओमेक्स टावर के नजदीक से गिरफ्तार किया है। जबकि ब्लॉक अधिकारी बलदेव सिंह अभी फरार है। वहीं, आरोपी की कार से 4.64 लाख और उसके घर की तलाशी में एक लाख रुपये मिले हैँ। जांच में सामने आया है कि आरोपी पांच लाख रिश्वत पहले ही ले चुके थे। दोनों आरोपी लकड़ी के ठेकेदार को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूल रहे थे। दोनों पर विजिलेंस ने भ्रष्टाचार का केस मोहाली में दर्ज किया है। आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा। विजिलेंस ने यह कार्रवाई भूपाल कुुमार निवासी खरड़ की शिकायत पर की है। विजिलेंस के डीजीपी-कम निदेशक विजिलेंस ब्यूरो बीके उप्पल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दूसरे आरोपी की तलाश में छापा मारा जा रहा है।
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विजिलेंस को भूपाल कुमार ने शिकायत दी थी कि वन विभाग ने माजरी ब्लॉक के गांव मिर्जापुर में खैर की लकड़ी काटने और बेचने का परमिट जारी किया था। उसके पास 31 मार्च तक कटान वाली साइट से पेड़ों को हटाने की अनुमति है। जबकि उक्त दोनों अधिकारियों ने उसे वहां से लकड़ी ले जाने से रोक दिया। उनका कहना था कि उसने नियमों को ताक पर रखकर खैर के पेड़ों को काटा है। उसने वह पेड़ भी काट दिए हैं, जिनको काटने की मंजूरी नहीं थी और न ही मार्किंग हुई थी। इसके बाद उन्होंने बिना परमिशन काटे हुए पेड़ों के जुर्माने को कम करने और लकड़ी मार्केट ले जाने के लिए साढ़े पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी। साथ ही कहा कि रकम देने के बाद लकड़ी उठाने देंगे। भूपाल ने उन्हेें 28 मार्च को पांच लाख रुपये रिश्वत दी थी।
दोनों अधिकारी कर रहे थे तंग
विजिलेंस से पता चला है कि आरोपी पांच लाख रुपये रिश्वत लेने के बाद भी शिकायतकर्ता को तंग करने से नहीं हटे। उन्होंने शिकायतकर्ता से दो हजार रुपये प्रति पेड़ और अधिक पैसे की मांग की थी। वहीं, लकड़ी मार्केट लाने और जुर्माना राशि 3.54 लाख के बजाय ढाई लाख करने और जुर्माना रिपोर्ट उसके साथी के नाम जारी करने के नाम पर 30 लाख 20 हजार रुपये बकाया राशि मांगी थी। विजिलेंस के पास इस मामले के पूरे प्रमाण हैं। इतना ही नहीं जो एक लाख घर से मिले हैं, वह भी रिश्वत का ही हिस्सा है।
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ब्लॉक अधिकारी शामिल था एक विदाई पार्टी में
जानकारी के मुताबिक जब विजिलेंस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया तो ब्लॉक अधिकारी खरड़ में एक अन्य अधिकारी की विदाई पार्टी में गया हुआ था। उसने वनरक्षक को रिश्वत की रकम लेने भेज दिया था। जब विजिलेंस टीम खरड़ पहुंची तो उसे भनक लग गई थी और वह वहां से फरार हो चुका था।
मार्किंग वाला हथौड़ा वन रक्षक की गाड़ी से मिला
विजिलेंस से पता चला है जब पेड़ों की कटाई होती है तो जिन पेड़ों की कटाई होनी होती है, उस संबंधी निशानदेही की जाती है। ब्लॉक अधिकारी उन पेड़ों की मार्किंग एक हथौड़े से करता है। इसके बाद लकड़ी काटने की प्रक्रिया चलती है। हालांकि ब्लॉक अधिकारी ने मार्किंग वाला हथौड़ा भी गार्ड को दिया हुआ था। विजिलेंस ने उसकी कार से हथौड़ा बरामद कर लिया है। वही,े विजिलेंस की टीम दोनों आरोपियों की संपत्ति का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
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