जीरकपुर। बभात रोड पर स्थित विक्टोरिया सिटी निवासी पिछले तीन महीनों से पीने वाले पानी की किल्लत झेल रहे हैं। इनकी समस्या को न तो कॉलोनाइजर और न ही नगर काउंसिल के अधिकारी सुन रहे हैं। लोग परेशान हैं कि अगर सर्दियों में यह हालात हैं तो गर्मियों में क्या होंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हमने इस क्षेत्र में घर खरीदने के लिए पूरी जिंदगी की कमाई के लाखों रुपये लगाकर घर खरीदे हैं। यदि उन्हें पता होता कि उनके साथ ऐसा होगा तो वह कभी भी इस एरिया में घर न खरीदते। हालांकि यह समस्या काफी समय से आ रही है लेकिन पिछले तीन महीने से लगातार आ रही समस्या के कारण आपने घर बेचने तक को तैयार हैं।
क्योंकि स्थानीय लोगों की शिकायत है कि पानी की समस्या के साथ उनको बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं। विक्टोरिया सिटी की आरडब्ल्यू इस समस्या के समाधान के लिए पिछले तीन महीने से नगर काउंसिल और कॉलोनाइजर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि अब जाएं तो कहां जाएं।
इस मौके पर आरडब्ल्यू के प्रधान दयाराम जांगरा ने बताया कि उनकी शिकायतें नगर काउंसिल की फाइलों में दबकर रह गई हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सोसायटी 2019 में कॉलोनाइजरों द्वारा काटी गई थी और उस समय सोसायटी 400 के करीब घर थे, तो सोसायटी में केवल एक सरकारी ट्यूबवेल से काम चल जाता था। लेकिन अब इस समय उनकी सोसायटी में 1500 से ज्यादा घर हैं। इसके अलावा पीछे दो से तीन सोसायटियां ओर उनके साथ जुड़ी हुई हैं। इस कारण एक ट्यूबवेल से काम चलाना मुश्किल हो रहा है। आबादी बढ़ने के कारण ट्यूबवेल बार-बार खराब हो जाता है। इस कारण लोगों को परेशानी छेलनी पड़ रही है। इसके बाद उन्हें खुद के पैसों पर पानी के टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ता है।
लोग परेशान, सोसायटी काउंसिल को अब तक नहीं सौंपी
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि कॉलोनाइजर ने न तो काउंसिल को सोसाइटी सौंपी है और न ही आरडब्ल्यू को सौंपी है। जिस कारण कॉलोनाइजर की जिम्मेवारी बनती है कि वह लोगों की समस्या का हल करे। लेकिन कॉलोनाइजर यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि नगर काउंसिल उनसे टैक्स ले रही तो यह उनकी जिम्मेदारी है। वहीं दूसरी ओर नगर काउंसिल के अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनाइजर ने अभी तक क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं लिया है जब तक वह सर्टिफिकेट नहीं लेता तब तक वह सोसायटी न तो आरडब्ल्यू और न ही नगर काउंसिल को सौंप सकता है, तब तक पूरी जिम्मेदारी नगर काउंसिल की बनती है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि हम कई बार शिकायत दे चुके हैं और हमें हर बार बहाना सुना दिया जाता है कि दो महीने में नया ट्यूबवेल लगा दिया जाएगा लेकिन इस बात को चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन हालात वहीं के वहीं हैं। लोग परेशान हो रहे हैं लेकिन की सुनवाई नहीं हो रही है।
कोट्स
नया ट्यूबवेल लगाने के लिए ठेका दिया हुआ है। पूरे शहर में 10 ट्यूबवेल लगाए जाने हैं। हालांकि ठेकेदार द्वारा शहर में पांच नए ट्यूबवेल लगा दिए गए हैं। ठेकेदार रेट बढ़ने की समस्या को लेकर काम में देरी कर रहा है। जिसे लेकर उसे नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस में यह कहा गया है कि यदि वह समय पर काम नहीं करके देगा तो उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। उन्हें 15 दिन का समय दिया है। -कुलवंत सिंह, जेई, नगर काउंसिल जीरकपुर।