वेरका के दूध में प्लास्टिक जैसी मलाई जमने का मामला पूरी तरह गरमा गया। मोहाली विकास मंच की तरफ से इस मामले में मिल्कफेड पंजाब के एमडी को पत्र लिखा। साथ ही उन्होंने कहा कि मोहाली प्लांट में काफी समय से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में इसकी जांच करवाई जाए। वहीं, मिल्कफेड के एमडी मनजीत बराड़ ने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। मंच के प्रधान विनीत वर्मा ने एमडी को लिखे पत्र में कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि प्लांट में नियमों को ताक पर रखकर काम हो रहा है। 30 जून को मिल्क प्लांट की तरफ से नौ हजार लीटर दूध नष्ट किया जा चुका है। वहीं, कुछ दिन पहले कंवरपाल नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें पत्र लिखकर मिल्क प्लांट में चल रही घपलेबाजी के बारे में बताया था। उन्होंने बताया है कि कुछ दिन पहले तक लुधियाना का ट्रांसपोर्टर फील्ड स्टाफ के साथ मिलकर बड़े स्तर पर मिलावट कर रहा था। इस संबंध में अधिकारियों को भी पता लग गया था। इसके बाद अधिकारियों ने अपने स्टाफ को बचाया व इस व्यक्ति पर केस दर्ज करवाया था। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मिलावटी दूध बनाकर वेरका में बेचा जाता है। जबकि बढ़िया दूध बाहर बेचा जाता है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि वेरका के बीएमसी सेंटर गजू खेड़ा, पवाला, मजातड़ी व खूनीमाजरा में दूध में मिलावट के संबंध में शिकायतें आईं थीं। इनकी विजिलेंस जांच होनी चाहिए।