मोहाली। सेक्टर-89 स्थित श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर मंगलवार को एक अद्भुत और अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा, जब परम पूज्य श्री श्री 108 तपोनिष्ठ अग्निहोत्री श्री संपूर्णानंद ब्रह्मचारी की उपस्थिति में जेष्ठ पूर्णिमा पर मोहाली के सभी विद्वान पुरोहितों ने एक साथ मिलकर वैदिक अनुष्ठान संपन्न किया। सामूहिक ब्राह्मण भोज के साथ हुए इस कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को मंत्रोच्चार और आध्यात्मिकता से भर दिया, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस शुभ अवसर पर पूरे क्षेत्र के वेदपाठी आचार्यों ने भगवान शिव की स्तुति और वेद मंत्रों के पवित्र स्वरों से देवालय परिसर को गुंजायमान कर दिया। श्री संपूर्णानंद ब्रह्मचारी जी ने सभी पुरोहितों को वैदिक सम्मान, अंगवस्त्र और महाप्रसाद भेंट कर सनातन परंपरा की गरिमा को एक बार फिर स्थापित किया। पूज्य श्री महाराज जी ने अपने आशीर्वचन में कहा, ब्राह्मण केवल एक व्यक्ति नहीं, वह सृष्टि के संतुलन का वाहक हैं। जब आचार्य एकजुट होते हैं, तो धर्म स्वयं जागृत होता है। इस भव्य आयोजन में ट्राइसिटी के कई समाजसेवी, धर्मप्रेमी नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी भी सम्मानपूर्वक शामिल हुए। सभी ने इस पुण्य कार्य को एक आध्यात्मिक संगम बताया।
भक्तिमय भजन संध्या ने बांधा समा
वैदिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर श्री अमृतेश्वर महादेव मंदिर आश्रम में दिन भर चले कार्यक्रमों के बाद शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर भक्ति के रंग में डूब गया। जैसे ही मधुर भजनों की धुनें गुंजनी शुरू हुईं, बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाए और भक्ति भाव में झूम उठे। भजन संध्या में गायक मदन शौंकी ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। श्रद्धालुओं ने ताली बजाकर और जयकारे लगाकर अपनी आस्था प्रकट की। माहौल इतना भावुक और ऊर्जावान हो गया कि हर कोई आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहा था। भजन गायकों ने अपनी सुरीली आवाज से सबका मन मोह लिया। यह केवल एक संगीतमय शाम नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने सभी को एक सूत्र में पिरो दिया।