मोहाली। जिला पुलिस ने एक अवैध इमिग्रेशन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। पंजाब के युवाओं से रुपये लेकर उनको डंकी रूट से विदेश भेजने के मामले पुलिस ने यह कार्रवाई की है। एनआरआई थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर तेजिंदर सिंह के बयान पर रिडिवेट मैनेजमेंट सर्विस कंपनी के संचालक खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24, (25) के तहत मामला दर्ज किया है। सेक्टर-70 में एससीओ नंबर-664 की दूसरी मंजिल पर यह कंपनी चल रही है।
इंस्पेक्टर तेजिंदर सिंह को चावला फर्जी इमीग्रेशन कंपनियों की जांच के दौरान सूचना मिली कि सेक्टर-70 में एक अवैध इमिग्रेशन कंपनी बिना लाइसेंस के चल रही है। कंपनी संचालक विदेश में वर्क वीजा लगाने के विज्ञापन अपनी फर्म के फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम व सोशल हैंडल पर पोस्ट कर रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची और कंपनी की जांच के उपरांत संचालक पर मामला दर्ज किया। इसके अलावा पुलिस जांच में सामने आया है कि मोहाली के अलग-अलग फेजों में प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स भारत सरकार के काम्पीटेंट अथॉरिटी से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट हासिल किए बिना ही काफी समय से बिजनेस कर रहे हैं। यह गैर कानूनी एजेंटों ने रजिस्ट्रेशन अधिकारी से लाइसेंस हासिल नहीं किए हैं। यह एजेंट युवाओं को विदेश में रोजगार देने की आड़ में लोकल अखबार, सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों से लाखों रुपये ठग रहे हैं। इसकी जांच होनी शुरु हो गई है।
222 मामले दर्ज कर चुकी है पुलिस
एक माह में 24 इमिग्रेशन कंपनियों में गड़बड़ी मिलने पर प्रशासन लाइसेंस निरस्त कर चुकी है। मोहाली जिले के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में अब तक कुल 222 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 65 मामले मटौर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए हैं। फेज-1 में 35, फेज-11 में 26, सोहाना में 26, आईटी सिटी में 17, जीरकपुर में 15, खरड़ में 21, बलौंगी में 8, ढकोली में 3, डेराबस्सी में 2, कुराली में एक, मुल्लांपुर में एक, माजरी में एक और नयागांव में एक मामला विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का दर्ज किया गया है।
इमीग्रेशन कंपनियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिन भी कंपनियों के मामले में शिकायत आती है हम उनकी पूरी छानबीन करवाते हैं, इसके साथ ही नियमों की अनुपालना न होने पर कंपनी का लाइसेंस रद कर दिया जाता है। - विराज एस तिड़के, एडीसी (जनरल) मोहाली
हमारे पास इमीग्रेशन कंपनियों की जो भी शिकायतें आती हैं हम उनकी छानबीन करने के बाद कार्रवाई करते हैं। इसके साथ ही हमारी टीमें जानकारी मिलने पर इमीग्रेशन कंपनियों के लाइसेंस की जांच करती रहती हैं। - दीपक पारीक, एसएसपी, मोहाली